मोबिल ऑयल की दुकान में कैसे लगी आग, तीन बाद भी पता नहीं लग सका
मवाना। मोबिल ऑयल की दुकान में भीषण अग्निकांड के तीन दिन बाद भी पुलिस हादसे के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। मंगलवार को पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल पर ज्वलनशील पदार्थों की जांच के नाम पर औपचारिकता पूरी की। मोबिल ऑयल की तीन दुकानों में छापा मारकर दुकानदारों के चालन भी काटे थे।
सोमवार को कस्बे की एक मोबिल ऑयल की दुकान में आग लगने से तीन लोगों की जलकर मौत हो गई थी। हादसा इतना भयानक था कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया था। घटना के तीन दिन बाद भी आग लगने के कारण रहस्य बने हुए हैं। मंगलवार को फायर ब्रिगेड के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने दुकान के बाहर जांच और आसपास के लोगों से पूछताछ की थी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा बांट माप विभाग ने भी ज्वलनशील पदार्थों की तलाश में तीन दुकानों पर छापे मारे थे। एक दुकान के गोदाम से छह ड्रम संदिग्ध तेल के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। वाल्मीकि समाज के कुछ युवकों ने शिकायत की थी कि मेरठ रोड पर आबादी में बने गोदाम में थिनर रखा है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। लेकिन टीम शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
दुकानें खुली, सामान्य हुए हालात
तीन दिन बाद भी अग्निकांड का मंजर लोगों के दिलोदिमाग पर भारी है। हालांकि बुधवार को आसपास के दुकानदारों ने दुकानें खोलीं। हालात कुछ सामान्य नजर आए। घटनास्थल के पास हार्डवेयर व साइकिल की दुकान को भी आग से नुकसान पहुंचा है। दोनों दुकानदार अपनी दुकानें व्यवस्थित करने में लगे रहे। मौके से जो भी गुजरता है, उसके कदम दुकान का मंजर देख अभी तक रुक रहे हैं।
पीड़ित परिवारों को दी सांत्वना
जमीअत उलेमा हिंद के जिलाध्यक्ष मौलाना अब्बास, शहर काजी मौलाना नफीस अहमद खां कासमी व हस्तिनापुर नगर पंचायत के चेयरमैन अरुण कुमार बुधवार को पीड़ित परिवारों से मिले। इस संबंध में बृहस्पतिवार को एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा जाएगा। इसमें पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की मांग की जाएगी। उन्होंने शादाब, राजा और रोहित के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी। घटना पर दुख जताया। उनके साथ नदीम, नईम, निजाम मलिक रहे।
मंडप संचालकों को दिए दिशा-निर्देश
मवाना। थाना प्रभारी विष्णु कौशिक ने मंडप संचालकों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने मंडप संचालकों को गार्ड रखने, कैमरे दुरुस्त रखने, पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा। कहा कि गाड़ियां सड़क पर खड़ी न हों, ताकि आने जाने वालों को परेशानी न हो। डीजे का संचालन रात 10 बजे तक ही किया जाए।