हत्यारोपी अभिषेक की कॉलेज में चलती थी गुंडागर्दी, गैंगस्टर लगेगी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी (एमआईईटी) में सिपाही के हत्यारोपी बेटे अभिषेक शर्मा की गुंडागर्दी चलती थी। उसके ग्रुप में 20-25 छात्र शामिल हैं। वह जिसे चाहते थे पीट देते थे और धमकी देते थे कि अगर शिकायत की तो मौत के घाट उतार देंगे। इस ग्रुप के आदर्श नाम के छात्र को निखिल तोमर ने थप्पड़ मार दिया था। जिसके बदले में उन्होंने चाकू से गोदकर हत्या की है। अभिषेक और उसके साथियों पर पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई करेगी।
निखिल तोमर के हत्यारोपी अभिषेक, विभोर, प्रिंस और आयुष को जेल भेजने के बाद एसओजी और जानी पुलिस ने उनकी कुंडली निकाल ली। जिसमें पता चला है कि आरोपी अभिषेक शर्मा के पिता अशोक शर्मा सिपाही है, जिनकी पोस्टिंग हापुड़ में है। फरार आरोपी आदर्श के पिता दीनानाथ मंसुरपुर मुजफ्फरनगर स्थित शुगर मिल में सुपरवाइजर है। आरोपी आयुष, विभोर व प्रिंस के पिता खेती करते हैं। पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी अभिषेक कॉलेज में पिता के पुलिस में होने के चलते छात्रों पर रौब जमाता था।
सुभारती पुलिस चौकी में तैनात सिपाहियों के पास उसका पहले से उठना बैठना था। कॉलेज के छात्रों पर उसकी गुंडागर्दी चलती थी। इसके बावजूद भी कॉलेज प्रशासन, सिक्योरिटी गार्ड और बाउंसरों ने कभी उसको नहीं टोका। एक माह पूर्व निखिल के दोस्त मोहित ने एक छात्रा से छेड़छाड़ कर दी थी। जिसको लेकर निखिल और अभिषेक शर्मा के गुटों में वर्चस्व की जंग शुरू हो गई। निखिल तोमर भी अभिषेक पक्ष के सामने नहीं झुका। मंगलवार को निखिल ने अभिषेक शर्मा के दोस्त आदर्श को थप्पड़ मार दिया था। जिसके बाद अभिषेक और आदर्श ने निखिल की हत्या का प्लान तैयार कर लिया।
हॉस्टल में बनी थी निखिल की हत्या की प्लानिंग
निखिल तोमर कॉलेज में ही हॉस्टल में रहता था। हत्यारोपी भी इसी हॉस्टल में रहते थे। आदर्श को थप्पड़ मारने के बाद मंगलवार रात में ही अभिषेक और उसके साथियों की हॉस्टल के एक कमरे में बैठक हुई और फिर निखिल तोमर की हत्या का पूरा प्लान बनाया गया। रात में ही अभिषेक और आदर्श कॉलेज से बाहर जाकर चाकू खरीद कर लाए। अभिषेक और उसका पूरा ग्रुप निखिल के कमरे से निकलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही निखिल सुबह 9:50 बजे क्लास रूम के बाहर पहुंचा तो सभी आरोपी गाड़ियों के पीछे छुप कर खड़े हो गए।
अभिषेक ने रोका, आदर्श ने मारा पहला चाकू
निखिल तोमर बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था और अभिषेक शर्मा प्रथम वर्ष का बीटेक का छात्र था। निखिल को अंदेशा नहीं था कि अभिषेक उसके साथ ऐसा कर सकता है। अभिषेक में बातचीत के बहाने क्लास रूम के बाहर निखिल को रोक लिया और इसी दौरान आदर्श ने उसको पहला चाकू पेट में घोंप दिया। बस फिर क्या था आदर्श व अभिषेक ने एक के बाद एक निखिल को 20 चाकू के वार कर दिए।
बहादुर था निखिल, कब्जे से छूटकर भी भागा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि निखिल बहुत बहादुर था। चाकू के कई वार होने के बाद भी वह अकेला ही उनके साथ लड़ता रहा। हत्यारोपी अभिषेक ने बताया कि चाकू लगने के बाद भी वह उनकी पकड़ से छूट कर भाग गया था। एक बार तो उन्हें लगा था कि अकेला निखिल उन सभी की हत्या कर सकता है। जिसके बाद उन्होंने एक के बाद एक चाकू के वार किए, जिससे वह बच ना पाए।