बिजनौर जिले में भांजे के उपचार के लिए 50 हजार रुपये नहीं देने से नाराज एक होमगार्ड ने शराब के नशे में अपने भाई और भतीजे के साथ अपनी पत्नी व दो बच्चों को कमरे में बंद करके घर में आग लगा दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गया, पड़ोसियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया और कमरे में बंद महिला और बच्चों को बाहर निकाला। घर में आग लगने से बाइक, साइकिल समेत अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया।
भरत विहार कॉलोनी में नागंलथाना क्षेत्र के गांव मानपुर लाल निवासी होमगार्ड ब्रजपाल मकान बनाकर रह रहा है। ब्रजपाल के साथ उसकी पत्नी बबीता, 13 साल का पुत्र रचित और 15 साल की बेटी कंचन भी रहती है। बबीता के मुताबिक ब्रजपाल का भांजा बीमार है। वह गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती है। ब्रजपाल भांजे के उपचार के लिए अपने साले से 50 हजार रुपये मांग रहा था। साले ने रुपये देने से मना कर दिया। इस बात से ब्रजपाल नाराज हो गया। बुधवार की रात करीब एक बजे वह अपने भाई ऋषिपाल और भतीजे दीपक के साथ शराब के नशे में घर आया। उसने पत्नी बबीता, बेटे रचित और बेटी कंचन को एक कमरे में बंद कर दिया। घर में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और आरोपी फरार हो गए।
यह भी पढ़ें: नाकाम सिस्टम से हारा व्यापारी: दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत, थाने में खुद को लगाई थी आग
घर में आग लगी देख पड़ोस के लोगों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला। 100 डायल पुलिस के साथ अग्नि शमन विभाग की टीम को सूचना दी। लोगों के साथ मिलकर पुलिस व अग्नि शमन विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से घर में खड़ी बाइक, साइकिल, बच्चों की किताबें और घर का अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया। बबीता ने घटना की तहरीर पुलिस को दे दी है। परिजनों के मुताबिक ब्रजपाल शराब पीने का आदी है। चार बीघा जमीन भी गंवा चुका है। शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा के मुताबिक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/