बिजनौर: हिट एंड रन प्रकरण में कृषि उत्पादन मंडी समिति के सामने लगाया जाम
हिट एंड रन प्रकरण में भारी वाहन चालकों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति के बाहर हाईवे यातायात जाम कर प्रदर्शन किया। वाहन चालकों ने सरकार से तत्काल चालकों के विरुद्ध लाए जा रहे कानून को वापस लेने की मांग की।
हिट एंड रन प्रकरण में भारी वाहन चालकों का रोष बढ़ रहा है। कृषि उत्पादन मंडी समिति से जुड़े भारी वहन चालकों ने क्षेत्रीय वाहन चालकों के साथ मंडी समिति के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी वाहन चालकों मेहराज अहमद, मनव्वर, कुलदीप, नसीम ,राजू ,योगेंद्र, नौशाद ,निसार ने कृषि उत्पादन मंडी समिति गेट पर प्रदर्शन करते हुए मेरठ-पौड़ी यातायात जाम कर दिया।
थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद पुंडीर, मंडी समिति प्रभारी नरेंद्र कुमार ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर प्रदर्शनकारी वाहन चालकों को समझ कर लगभग ढाई घंटे बाद यातायात सुचारु कराया।
मुजफ्फरनगर: हड़ताल जारी, जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित
मोटर व्हीकल एक्ट में हिट एंड रन से जुड़े कानून में बदलाव के विरोध में दूसरे दिन भी बस और ट्रक चालकों की हड़ताल जारी है। देहात के कई मार्गों पर बसों का संचालन प्रभावित रहा। सब्जी और गुड़ मंडी में सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई। मोरना, खतौली, भोपा, भौराकलां, बुढ़ानाा समेत अन्य मार्गों पर हड़ताल के चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चीनी मिलों के क्रय केंद्रों से गन्ना उठान प्रभावित हो रहा है। खतौली चीनी मिल ने किसानों से अगली सूचना तक छिलाई नहीं करने का आह्वान किया। जिले की आठ चीनी मिलों में करीब 14 सौ ट्रकों के माध्यम से गन्ने की सप्लाई होती है, अधिकतर ट्रकों के चालक हड़ताल पर चले गए हैं।
सहारनपुर: जिले में अभी तक गैस सिलिंडर की गाड़ी नहीं पहुंची, बढ़ रही परेशानी
नए सड़क कानून को लेकर चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। रोडवेज बसों के पहिये थमे रहे। इससे जहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं परिवहन निगम को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। गैस सिलिंडरों की गाड़ी नहीं होने से सप्लाई नहीं हो पाई।
केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए नए सड़क कानून को लेकर बस, ट्रक, ऑटो चालकों में खासा आक्रोश है। इसको लेकर जिले में दो दिन से चालक हड़ताल कर रहे हैं। मंगलवार को भी रोडवेज बसों का संचालन ठप रहा। दिल्ली रोड कांशीराम कालोनी स्थित अस्थायी बस अड्डे पर सन्नाटा रहा। रेलवे रोड बस अड्डे पर बसें खड़ी रही, लेकिन उनका संचालन चालकों ने नहीं किया। हालांकि, अधिकारियों के दबाव की वजह से इक्का-दुक्का बसें निकली। ऑटो चालकों ने दूसरे दिन संचालन शुरू किया।
पहले दिन के मुकाबले सड़कों पर ऑटो की संख्या कम नजर आई। हड़ताल का असर अब जरूरी वस्तुओं पर भी पड़ने लगा है। जिले में अभी तक गैस सिलिंडरों की गाड़ी नहीं पहुंची। जिसके चलते एजेंसियों से सिलिंडरों की सप्लाई नहीं हो पाई है। हड़ताल आगे बढ़ी तो पेट्रोल, डीजल, गैस आदि का संकट गहराएगा।
शामली: दूसरे दिन भी हड़ताल के कारण थमे रोडवेज,ट्रकों के पहिए, यात्री रहे परेशान
नए कानून के विरोध में मंगलवार को दूसरे दिन भी ट्रक, रोडवेज और अन्य चालक हड़ताल पर रहे। जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। डग्गामार वाहन चालकों ने दोगुने तक रुपये यात्रियों से लिए। 800 से अधिक ट्रकों के फंसे होने के कारण जिले के उद्यमी अपना माल भी अन्य राज्यों और जिलों में नहीं भेज सके।
शामली, ऊन, थानाभवन शुगर मिल में गन्ने के ट्रक नहीं पहुंचने के कारण गन्ने की आपूर्ति भी बाधित रही। चालकों ने कहा कि कानून वापस नहीं होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उधर, परिवहन आयुक्त चंद्र भूषण सिंह ने सभी क्षेत्रीय और सहायक प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि हड़ताल को लेकर यूनियन के पदाधिकारियों से बात करें, जनमानस को रही परेशानी का हवाला देते हुए हड़ताल खत्म करने को कहे। इसके बाद आगे की कार्रवाई करें।