वहीं, शनिवार की सुबह से फिर झमाझम बारिश शुरू हुई, जिसके चलते शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया और जनजीवन भी प्रभावित हुआ। वहीं, इस दौरान मौसम बदला-बदला दिखाई दिया।
उधर, आसमान पर काले बादलों के चलते वाहन स्वामियों को दिन में ही लाइट जलाकर हाईवे से निकलना पड़ रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी वेस्ट यूपी में 12 जुलाई तक बारिश का दौर बना रहेगा। मानसून के सक्रिय होने के चलते हल्की से मध्यम बारिश होगी। कहीं पर बारिश तेज हो सकती है, कहीं पर हल्की रहेगी। मानसून की शुरुआत जुलाई माह में भी अच्छी रही है।
बारिश से किसानों की बल्ले-बल्ले, बेल वाली सब्जियों को होगा नुकसान
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आर एस सेंगर का कहना है कि बारिश किसानों के लिए काफी लाभकारी होगी। सबसे ज्यादा बारिश से धान की फसल को लाभ मिलेगा। इस समय धान की बुआई तेजी से चल रही है। वेस्ट यूपी के किसान धान की बुवाई में लगे हुए हैं। धान, गन्ना, चारा आदि फसलों के लिए यह बारिश बहुत अच्छी रहेगी, जबकि बेल वाली फसलों के लिए बारिश से थोड़ा नुकसान होगा। इसलिए किसान बेल वाली फसलों में पानी को निकालने की उचित व्यवस्था रखें, जिससे उन्हें बचाया जा सकता है।
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