मेरठ मंडल की समीक्षा करने आए चिकित्सा मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सीमित साधन हैं। सभी चिकित्सक अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक प्रकार से करें। हमें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देनी होंगी। सुविधाओं के साथ-साथ जवाबदेही भी तय की जाएगी। सिस्टम को सुधारना हमारा काम है और सिस्टम को चलाना आपका काम है।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री को बताया गया कि मंडल में आयुष्मान भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में 303524 लाभार्थी परिवार सत्यापित हो चुके हैं, जबकि शहरी क्षेत्र में 258176 लाभार्थी परिवारों का सत्यापन हो चुका है। पुरुष नसबंदी कार्यक्रम में प्रदेश स्तर पर मेरठ जिले का पांचवां और बागपत का दूसरा स्थान है। मेरठ में दो, बागपत में दो, हापुड़ में चार, गाजियाबाद में एक, इस तरह मंडल में कुल नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण 43.74 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। मेरठ में दो, बुलंदशहर में तीन, बागपत में एक, इस तरह कुल छह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण 9.04 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है। मंडल में 102 एंबुलेंस 146 और 108 एम्बुलेंस 131 हैं, 21 एएलएस हैं। मंडल में मेरठ में 163 सहित कुल 397 डेंगू के मरीज वित्तीय वर्ष 2019-20 में 11 नवंबर तक चिन्हित किए गए हैं।
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बैठक में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रेनू गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार, एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. पीके बंसल सहित मंडल के हापुड़, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत, बुलंदशहर जनपदों से आए मुख्य चिकित्सा अधिकारी व अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे। साथ ही सर्किट हाउस में स्वास्थ्य मंत्री का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। इनमें आशीष अग्रवाल, दीपक शर्मा, विवेक वाजपेयी, गौरव त्यागी, हेमन्त सिंह, केतन, शुभम और कुश आदि रहे।
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