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Meerut News: विश्व सिर की चोट जागरूकता दिवस आज

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विश्व सिर की चोट जागरूकता दिवस आज
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हेलमेट पहनें...सिर की चोट याददाश्त कर सकती है कमजोर

माई सिटी रिपोर्टर

मेरठ। सिर की चोट को हमेशा गंभीरता से लेना चाहिए, तुरंत इलाज कराना चाहिए। दोपहिया वाहन पर हैं तो हेलमेट लगाएं, कार में हैं तो सीट बेल्ट पहनें, क्योंकि यह कभी जानलेवा तो कभी याददाश्त के कमजोर होने का सबब बन रही है। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व सिर की चोट जागरूकता दिवस या वर्ल्ड हेड इंजरी अवेयरनेस डे मनाया जाता है।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में साल 2023 में सिर में चोट लगने के 759 मरीज आए, जिनमें से 37 लोगों की मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक अवलोकन में पता चला कि इनमें से देर से अस्पताल पहुंचे 60 प्रतिशत मरीजों की ठीक होने के बाद याददाश्त पहले से कमजोर हुई थी, जल्द इलाज मिलने के कारण बाकी मरीजों की याददाश्त पर फर्क नहीं पड़ा था।
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एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिवाकर ने बताया कि इमरजेंसी में आने वाले सिर के चोट के अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर वह अस्पताल देर से आए हैं और चोट गहरी तो फिर उनकी याददाश्त पर इसका असर पड़ सकता है।
न्यूरो सर्जन डॉ. अमित बिंदल ने बताया कि सिर पर चोट लगने के बाद अगर खून न निकले तो भी निश्चिंत न हो। यह काफी खतरनाक होता है। कई बार तो इसका असर 48 से 96 घंटे बाद नजर आता है। सिर शरीर का बेहद नाजुक अंग है। तुरंत जांच और इलाज कराना चाहिए।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राणा ने बताया कि सिर पर चोट लगने
का असर 10 साल बाद तक सामने आ सकता है। खेलते हुए या किसी अन्य कारण से सिर पर चोट लग जाती है। जवानी में ही याददाश्त कमजोर होने की बड़ी वजह सिर की चोट होती है।
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जिले में पिछले साल करीब 525 बड़ी
सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें लगभग 375 लोगों को मौत हो गई। मरने वालों में 100 से अधिक दोपहिया वाहन पर सवार थे और इनमें से अधिकांश ने हेलमेट पहना हुआ नहीं था।
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चोट लगने पर तुरंत करें ये उपाय

- मरीज को करवट से लिटा दें
- सिरहाना ऊंचा कर दें
- खून बह रहा हो तो उस जगह पर रूमाल लगाएं
- मरीज को एक जगह से दूसरी जगह पर स्ट्रेचर पर शिफ्ट करें
- हो सके तो मौके पर प्राथमिक उपचार दें
- दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट जरूर पहनें
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