नजीबाबाद/बिजनौर। नजीबाबाद वन प्रभाग की साहूवाला और बढ़ापुर वन रेंज में बड़ी संख्या में सरकारी सागौन, खैर समेत कई प्रजाति के कीमती पेड़ कटान का मामला सामने आया है। सोमवार को डीएफओ अमरोहा के नेतृत्व में 15 सदस्य टीम ने दोनों रेंज में कांबिंग कर कटान की हकीकत का पता लगाया। पहले ही दिन टीम को जंगल में जगह-जगह काटे गए पेड़ों की जड़ मिली है। वन संरक्षक मुरादाबाद के निर्देशन में इस टीम का गठन किया गया है। जांच के बाद इसमें कई वन अफसरों और कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के साहूवाला और बढ़ापुर वन रेंज में जनवरी माह 50 से अधिक खैर और सागौन समेत कई प्रजाति के कीमती पेड़ लकड़ी माफियाओं ने काट लिए थे। कीमती पेड़ों के कटान का मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। वन संरक्षक मुरादाबाद ने इस मामले में एक टीम का गठन किया। जिसमें अमरोहा डीएफओ को अध्यक्ष बनाया गया।
इस टीम में बिजनौर से भी वन अफसरों को शामिल किया गया है। सोमवार को 15 सदस्य टीम साहूवाला और बढ़ापुर रेंज में पहुंची। इस टीम ने रेंज में काटे गए पेड़ों की जड़ों की जांच की। वन विभाग के सूत्रों की माने तो पहले ही दिन कांबिंग के दौरान टीम को कई स्थान ऐसे मिले, जहां से पेड़ काटे गए हैं। उधर, बढ़ापुर रेंजर जितेंद्र कुमार का कहना है कि वन संरक्षक के निर्देशन में गठित टीमें मामले की जांच में जुटी हैं।
- विभाग की ओर से दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट
वन विभाग ने खैर के करीब 54 कीमती पेड़ काटे जाने की विभागीय रिपोर्ट दर्ज की थी। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के वन विभाग हरकत में आया। वन विभाग खैर कटान से जुड़े लकड़ी माफियाओं को चिह्नित करने में जुटा है। बताया जाता है कि विभाग ने छापामारी अभियान में करीब 40 से अधिक खैर कटान के नग बरामद किए हैं। अपराधियों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
- वन कर्मचारियों की संलिप्ता का संदेह
नजीबाबाद। खैर के अधिकांश पेड़ साहूवाला रेंज में काटे गए। बढ़ापुर वन रेंज में भी खैर के कीमती पेड़ों का कटान हुआ है। विभागीय कर्मचारियों को लाखों रुपये के कीमती पेड़ जंगल से काटे जाने की भनक तक नहीं लगी। जांच में विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता के संबंध में भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
- डीएफओ के स्थानांतरण पर भी सवाल
खैर प्रकरण की जांच के दौरान डीएफओ आशुतोष पांडेय का कानपुर एफटीआई ट्रेनिंग सेंटर के लिए स्थानांतरण किया गया है। बागपत से स्थानांतरित होकर आईं आईएफएस वंदना ने डीएफओ का पदभार संभाल लिया है। वन विभाग में डीएफओ के स्थानांतरण को पेड़ कटान के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
- सरकारी पेड़ों के कटान की शिकायत मिली थी। इस मामले में केस भी दर्ज किया गया है। टीम बनाई गई है, जो मौके पर जाकर वास्तविकता की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। -रमेशचंद, वन संरक्षक, मुरादाबाद
बढ़ापुर के पास वन क्षेत्र में काटे गए पेड़ों की जांच करती वन विभाग की टीम। स्रोत वन विभाग