संयुक्त किसान मोर्चा ने किया देशव्यापी प्रदर्शन का एलान
संयुक्त किसान मोर्चा ने एक जून को देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया। कहा गया है कि भारतीय पहलवानों द्वारा विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार को सुरक्षित करने, समाज के अन्य सभी वर्गों और भाजपा सांसद बृजभूषण शरन सिंह की गिरफ्तारी की मांग करने के लिए देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। ट्रेड यूनियनों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों और बुद्धिजीवियों के साथ भी समन्वय किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा भी पांच जून को भारतीय कुश्ती महासंघ बृजभूषण शरण सिंह के पुतले जलाएगा।
वर्ल्ड रेसलिंग ने जताई चिंता, हालात पर नजर
यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) ने कहा कि भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों के प्रदर्शन पर उसकी नजर है। कई महीनों से हम भारत में हालात को लेकर चिंतित हैं। पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ उत्पीड़न और शोषण के आरोपों को देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों का घटनाक्रम और चिंताजनक है, क्योंकि पहलवान को पुलिस ने प्रदर्शन के कारण अस्थायी तौर पर हिरासत में लिया। हम पहलवानों को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हैं।
तबीयत खराब, विनेश फोगाट ने नहीं खाया खाना
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के आवास पर पहलवान बजरंग पूनिया, संगीता फोगाट और विनेश फोगाट पहुंचे। बजरंग और संगीता ने अन्य पहलवानों के साथ खाना खाया, जबकि विनेश फोगाट की तबीयत खराब होने के कारण उन्होंने खाना नहीं खाया।
साक्षी और सत्यव्रत नहीं पहुंचे
हरिद्वार में पहलवानों के साथ रहीं ओलंपियन साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत भाकियू अध्यक्ष के आवास पर नहीं पहुंचे।
हर सवाल पर चुप्पी और चेहरे मायूस
हरिद्वार से वापस लौटे पहलवानों ने पत्रकारों के हर सवाल पर चुप्पी साधे रखी। मीडिया से दूरी बनाई। यहां विनेश फोगाट बेहद मायूस नजर आ रही थीं।
पहलवानों के समर्थन में जमा हो गई भीड़
भाकियू अध्यक्ष के आवास पर जैसे ही पहलवानों के पहुंचने की जानकारी हुई, यहां पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। जिले के पहलवान भी पहुंचे। मायूस नजर आ रहे पहलवानों को हिम्मत बंधाई। लोगों ने कहा कि हर लड़ाई में उनके साथ हैं।
दुष्यंत फोगाट बोले जारी रहेगा हमारा संघर्ष
पहलवान गीता फोगाट के भाई दुष्यंत फोगाट ने कहा कि हमारी लड़ाई न्याय की है। संघर्ष जारी रहेगा। सर्वसमाज और सीनियर पहलवान जो फैसले करेंगे, उनका पालन किया जाएगा। न्याय पाने के लिए ही पहलवान सड़कों पर उतरे हैं।