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Triple Murder: हाजी इजलाल का क्रूर कारनामा, पीड़ित परिजन न भूल पाएंगे वो काला दिन, हर तारीख पर निकलते रहे आंसू

Wed, 31 Jul 2024 10:54 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट द्वारा मुकदमे की स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद आरोपियों का केस ट्रांसफर प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। आज अदालत तिहरे हत्याकांड में अपना फैसला सुनाएगी। 16 साल से यह मुकदमा अदालत में चल रहा है।
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ट्रिपल मर्डर में फैसला आज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में हाईकोर्ट द्वारा मुकदमे की स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद आरोपियों का केस ट्रांसफर प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। आज अदालत इस तिहरे हत्याकांड में अपना फैसला सुनाएगी। 16 साल से यह मुकदमा अदालत में चल रहा है। हर तारीख पर परिजनों की आंखों से आंसू निकलते रहे। वे हर तारीख पर न्याय की आस लगाते रहे लेकिन 16 वर्ष बाद आज मृतक तीनों बेटों की रूह को सुकून मिलेगा तो वहीं पीड़ित परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद है।

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23 मई 2008 को कोतवाली के गुदड़ी बाजार में सुनील ढाका, पुनित और सुधीर उज्ज्वल की निर्मम तरीके से हत्या कर शवों को बागपत के बिनौली स्थित गंगनगर में फेंका था। इस घटना को लेकर मेरठ और बागपत में छात्रों से लेकर आम जनता में आक्रोश बढ़ गया था। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मुख्य आरोपी इजलाल की करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी। मेरठ कॉलेज के छात्र नेता अमित राणा सहित 37 गवाह बनाए गए थे। सुनील ढाका के भाई अनिल ढाका दिल्ली पुलिस में दरोगा हैं। वही इस मुकदमे में वादी हैं।

मुख्य आरोपी इजलाल - फोटो : अमर उजाला
हर तारीख पर आंसू, कभी नहीं भूल पाएंगे
तिहरे हत्याकांड में 16 साल से कोर्ट में सुनवाई चली। सुनील ढाका बागपत के ढिकौली गांव, सुधीर उज्ज्वल बागपत के सिरसली गढ़ और पुनीत गिरी परीक्षितगढ़ के खटकी गांव के निवासी थे। कोर्ट में तारीख पर सुनील के भाई अनिल ढाका, सुधीर के भाई सोनू और पुनित के भाई सतीश लगातार आते रहे हैं। 

पुनित के तहेरे भाई अजित वकील हैं, वह तारीख पर सतीश के साथ हर बार जाते हैं। तारीख पर 16 साल पहले घटना को याद करके तीनों परिवार के लोग अक्सर रो पड़ते हैं। वादी अनिल ढाका का कहना है कि आरोपियों ने बड़ी बेहरमी से तीनों युवकों की हत्या की थी। इस वारदात को कभी नहीं भुला पाएंगे।

पुनीत गिरी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
खाैफनाक थी वारदात
 सुनील ढाका(27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि(22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्जवल(23) निवासी गांव सिरसली, बागपत की 22 मई 2008 की रात कोतवाली के गुदड़ी बाजार में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने हाजी इजलाल कुरैशी, उसके भाई अफजाल व परवेज समेत दस आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था। 14 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें हाजी इजलाल कुरैशी, परवेज और अफजाल पुत्रगण स्वर्गीय इकबाल, मेहराज पुत्र मेहताब, इसरार पुत्र रशीद, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र स्वर्गीय उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श, शम्मी और माजिद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। शीबा सिरोही को इस मामले में इजलाल को घटना के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया, हालांकि इस पर शीबा कोर्ट से स्टे ले आई थी।
 

सुधीर उज्जवल - फोटो : अमर उजाला
एक आरोपी जेल में बाकी जमानत पर बाहर
तिहरे हत्याकांड के मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 190/08 के तहत धारा 147, 148, 149, 364, 302, 201, 404, 411 और 3/2 गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, बाकी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
 
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सुनील ढाका - फोटो : अमर उजाला
बागपत जिले में मिले थे क्षत-विक्षत शव
23 मई 2008 की दोपहर बागपत जिले में बालैनी नदी के किनारे कार में तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान सुनील ढाका, पुनीत गिरि और सुधीर उज्जवल के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर हत्या की।

शीबा नाम की युवती से इजलाल की दोस्ती थी। पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक शीबा को इजलाल से तीनों युवकों का मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों के खिलाफ उकसाया था। इसी को लेकर इजलाल ने तीनों को गुदड़ी बाजार बुलाया और मार डाला।
 
आरोपियों के अधिवक्ता की तरफ से उच्च न्यायालय इलाहाबाद में मुकदमे की सुनवाई के लिए मेरठ से किसी अन्य जिले में कराने के लिए ट्रांसफर प्रार्थना पत्र दिया गया था। न्यायालय ने केस का स्टेटस मांगा था। न्यायालय ने ट्रांसफर प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। मेरठ न्यायालय द्वारा निर्णय के लिए 31 जुलाई की तिथि नियत है। - प्रमोद कुमार त्यागी, वादी पक्ष के अधिवक्ता
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