मेरठ में नकली फूड सप्लीमेंट और स्टेरॉयड की अधिकता ने जिम ट्रेनर संजीव धामा की जिंदगी छीन ली। धामा के हंसते-खेलते परिवार की खुशियां भी मातम में बदल गईं। संजीव धामा 27 दिन तक जिंदगी के लिए जूझते रहे। उनकी मौत के बाद पत्नी, दो बेटियों और बुजुर्ग माता-पिता का रोकर बुरा हाल है। इलाज में शामिल रहे चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि नकली फूड सप्लीमेंट और स्टेरॉयड की मात्रा अधिक लेने से ही ऐसा हुआ है।
मेडिकल थाना क्षेत्र के राजनगर कॉलोनी निवासी संजीव धामा पुत्र भोपाल सिंह सेंट्रल मार्केट स्थित जिम में ट्रेनर थे। उनकी पत्नी आराधना के मुताबिक 13 अगस्त को उनके पति के पेट में अचानक दर्द हुआ। वह उन्हें संतोष हॉस्पिटल ले गए। चिकित्सक ने उनके पेट में पैनक्रियाज में दिक्क्त बताई। इसके बाद न्यूटिमा अस्पताल में इलाज शुरू कराया। यहां उनके पेट में संक्रमण बढ़ता गया। कई अस्पतालों में इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली तो एम्स दिल्ली भर्ती कराया गया। यहां उनकी मौत हो गई।
आराधना के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। संजीव स्वस्थ रहने के लिए फूड सप्लीमेंट और स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते थे। उन्हें क्या पता था कि यह सप्लीमेंट उनके शरीर को खोखला बना रहा है। वह रोते हुए कभी बेटियों की ओर देखतीं तो कभी अपने बूढे़ सास-ससुर की ओर। संजीव के पिता भोपाल सिंह और मां रीना भी पुत्रवधू और पोतियों को देखकर बिलखने लगते हैं।
घर बनाने और बेटियों को कामयाब करने की करते थे बात
संजीव बड़ा जिम ट्रेनर बनने के साथ आलीशान घर बनाने और बेटियों को कामयाब करने की बात करते रहते थे। बेटियों की जिम्मेदारी बूढ़े सास-ससुर पर आ गई है। आराधना का कहना है कि वह एक घरेलू महिला है। पति के साथ उनका सपना भी चला गया है।