शुक्रवार को दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा चिंता जताते हुए कहा कि जिला अदालत ने आठ दिन का समय दिया था। लेकिन प्रशासन ने दूसरे पक्ष को बिना वक्त दिए रात्रि में ही मस्जिद के तहखाने में मूर्तियां रखवा पूजा प्रारंभ करा दी। प्रशासन की यह जल्दबाजी समझ से परे है। जबकि अदालत के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील भी की जा रही थी।
वहीं, शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद मस्जिदों में ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा के लिए विशेष दुआ की गईं। दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने गुरुवार को ज्ञानवापी मस्जिद के लिए देशभर के लोगों से दुआ की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह आह्वान भी किया था कि इसको लेकर किसी भी तरह का प्रदर्शन या काली पट्टी बांधकर विरोध न करें। बल्कि शांतिपूर्वक जुमा की नमाज के बाद अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगे।
एसपी देहात सहित अधिकारी दारुल उलूम क्षेत्र में रहे मौजूद
ज्ञानवापी मस्जिद की सुरक्षा को लेकर दारुल उलूम की अपील के बाद एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में बड़ी संख्या में लोग जुमा की नमाज अदा करने पहुंचे। इस दौरान लोगों ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआए मांगी और शांतिपूर्वक अपने घरों को चले गए। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम अंकुर वर्मा और सीओ अशोक सिसोदिया पुलिस फोर्स के साथ दारुल उलूम क्षेत्र में मौजूद रहे। इसके अलावा नगर की विभिन्न मस्जिदों और मुख्य चौक चौराहों पर भी सुरक्षा के मद्देजनर पुलिस बल तैनात किया गया था। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय रहीं।