ट्रैक पर नहीं लगे कैमरे और सेंसर
आधुनिक टेस्टिंग ट्रैक पर कैमरे और सेंसर लगाए जाने हैं। इनके लगने से वहीं आवेदक पास हो सकेगा जिसने लर्निंग लाइसेंस लेकर गाड़ी चलानी सीखी होगी। हल्की सी भी गलती करने पर सेंसर पकड़ लेते है और सिस्टम उसे फेल कर देता है। जहां भी ये ट्रैक काम कर रहा है वहां 30 से 35 फीसदी अभ्यर्थी ही टेस्ट में पास हो पाते हैं। परिवहन अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक पर कैमरे और सेंसर लगाने का ठेका शासन स्तर से होना है। ठेका नहीं होने के चलते काम शुरू नहीं हो सका है।
बायोमेट्रिक सिस्टम भी नहीं लग पाया
वर्तमान में परमानेंट लाइसेंस के लिए अभ्यर्थियों को फोटो खिंचवाने और बायोमेट्रिक कराने के लिए आरटीओ में जाना होगा। परिवहन आयुक्त ने इंस्टीट्यूट में ही बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापित करने के आदेश दिए थे। लेकिन ये व्यवस्था अभी तक चालू नहीं हो सकी है।
ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का काम लगभग पूरा हो चुका है। कैमरे और सेंसर लगने बाकी हंै। कर्मचारियों की कमी से बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं लग सका है। -हिमेश तिवारी, आरटीओ मेरठ