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मरीज कैसे कराएं इलाज: सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और दवाओं का टोटा

Thu, 07 Apr 2022 02:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है और दवाओं का टोटा है। मरीज परेशान रहते हैं। ऐसे हालात में इलाज कराने कहां जाएं।
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दवाओं की तस्करी में विदेशी महिला गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है और दवाओं का टोटा है। मरीज परेशान रहते हैं। ऐसे हालात में इलाज कराने कहां जाएं। जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 32 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 26 अर्बन हेल्थ सेंटर हैं। इनमें हर साल करीब 15 लाख लोग इलाज कराने के लिए आते हैं।

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मेडिकल में 839 तरह की दवाएं रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 450 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में 240 तरह की दवाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 225 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। महिला जिला अस्पताल में 250 तरह में से 200 तरह की दवाइयां ही हैं।

सीएचसी, पीएचसी और अर्बन हेल्थ सेंटर में भी 175 तरह की दवाइयां मंगाई जाती हैं, जिनमें से 150 तरह की ही उपलब्ध रहती हैं। वहीं, जिले में 103 चिकित्सक मानकों से कम हैं। इनमें सीएमओ कार्यालय से संबंधित 20 चिकित्सक मानकों से कम हैं। महिला जिला अस्पताल में 14 कम हैं। जिला अस्पताल में 25 चिकित्सकों की कमी है। मेडिकल में 44 चिकित्सकों का टोटा है। 
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साइकिल चलाकर दे रहे सेहतमंद रहने का संदेश 
चार सालों से साइकिल यात्रा के जरिये डॉ. अनिल नौसरान सेहतमंद रहने का संदेश दे रहे हैं। वह एड्स एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चला रहे हैं और शादी से पहले एचआईवी जांच कराने पर जोर दे रहे हैं। रक्तदान करने, साइकिल चलाने, वजन घटाने और इम्यूनिटी बढ़ाने की सीख दे रहे हैं। 

खेल के जरिये स्वास्थ्य के लिए कर रहे जागरूक 
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर खेलों के जरिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वह हॉकी खेलते हैं और संडे क्लब बनाया हुआ है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में खेलों की भूमिका बताते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं। खुद खेलते हैं और दूसरों को भी प्रोत्साहित करते हैं। 
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