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Meerut News: अप्सनोवा अस्पताल में ऑपरेशन से पहले बच्ची की मौत

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गंगानगर। रक्षापुरम स्थित अप्सनोवा अस्पताल में बृहस्पतिवार को बच्ची की सिर के ऑपरेशन के लिए दी गई एनेस्थीसिया दवा देने के कुछ सेकेंड बाद ही मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर ओवरडोज देने का आरोप लगाते हुए करीब पांच घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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गंगानगर थाना क्षेत्र गांव मामेपुर निवासी गुरुवचन सिंह मजदूरी करते हैं। उनके दो बेटे व एक बेटी है। मंगलवार को गुरुवचन की चार वर्षीय बेटी काशी पड़ोसी की छत पर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, तभी वह दूसरी मंजिल से जमीन पर आ गिरी। आनन-फानन पर परिजनों ने उसे रक्षापुरम स्थित अप्सनोवा अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के अनुसार डॉक्टर ने बताया कि सिर की हड्डी टूटकर अंदर घुस गई है, जिसके लिए ऑपरेशन होगा। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी कर दी। अप्सनोवा अस्पताल के मालिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नितिन मलिक को ही ऑपरेशन करना था। बच्ची को ओटी में ले जाया गया। परिजनों के अनुसार उस समय बच्ची बोल रही थी। बेहोश करने के लिए आए एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. रजत शर्मा ने बच्ची को जैसे ही दवा दी, उसके कुछ देर बाद ही बच्ची की मौत हो गई। जब स्टॉफ ने परिजनों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने हंगामा कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर पर बेहोशी की दवा की ओवरडोज देने का आरोप लगाया। इस बीच गांव से भी कुछ लोग आ गए। गंगानगर थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने परिजनों को समझाया। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी।
ओवरडोज देने का आरोप गलत
इस मामले में अस्पताल के मालिक डॉ. नितिन मलिक व एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. रजत शर्मा का कहना है कि ओवर डोज देने का आरोप गलत है। बच्ची के सिर में टूटी हड्डी को ऑपरेशन कर निकालना था। ओटी में बच्ची का वजन किया गया तो वह 22 किलो 800 ग्राम था। वजन के अनुसार एनेस्थीसिया दिया गया। दवा देने के बाद बच्ची का हृदय उसे झेल नहीं पाया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम के बाद होगी कार्रवाई
गंगानगर थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।
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