बिजनौर के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा
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राहत शिविर में पसंद नहीं है रहना
बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को राहत शिविर में रहना कभी पसंद नहीं रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर अपने गांव में ही रहना पसंद करते हैं। खानपुर खादर में बने बाढ़ राहत शिविर में बहुत कम ग्रामीणों ने शरण ली है। एसडीएम चांदपुर उमेश कुमार मिश्रा ने बताया बाढ़ राहत के लिए प्रशासन की पूरी तैयारी है। ग्रामीण राहत शिविर में आने को तैयार नहीं है। प्रशासन ने पशुओं का चारा व ग्रामीणों के रहने खाना आदि की पूर्ण व्यवस्था की हुई है। जिस गांव को नाव की जरूरत होगी, उसके लिए नाव की व्यवस्था की जाएगी।
रामगंगा में जल बढ़ा, खादर में बस कई गांव टापू में तब्दील
स्योहारा में तीन दिन से लगातार हो रही वर्षा से रामगंगा के खादर में बसे गांव टापू बन गए हैं। गांवों का आसपास के सभी जगह से संपर्क टूट गया है। स्योहारा से छह किमी दूर मुरादाबाद जनपद के गांव दरियापुर, रफायतपुर लगातार हो रही बारिश तथा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण टापू बन गए हैं। इन गांव का संपर्क स्योहारा, कांठ, ठाकुरद्वारा आदि से पूरी तरह कट गया है। गांव में मोबाइल आदि के सिग्नल न होने के कारण इन गांववालों से कुशलक्षेम भी नहीं मिल पा रही है। डा. हरस्वरूप सिंह सैनी ने बताया कि मुरादाबाद जनपद के उनके गांव दरियापुर, रफायतपुर आदि के ग्रामीण स्योहारा पास पड़ने के कारण बाजार, शिक्षा, चिकित्सा आदि के लिए स्योहारा ही आते हैं। गांव रहैनी से रामगंगा पार कर मात्र एक किमी की दूरी पर गांव है। इस समय गांव के चारों ओर पानी भर जाने के कारण गांव टापू बन गया है। रविवार से गांववालों का स्योहारा आना बंद हो गया है। लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के गांव मुकरपुरी, सिपाहियोवाला, बसेड़ा, जोतहिम्मा, अमीनाबाद, बाजीरपुर मंडियो, शेरपुर मजरा आदि के जंगल में पानी भर जाने से किसानों को चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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