मेरठ। परतापुर थाना पुलिस में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रुपये निकालने वाले गिरोह के सरगना शकील को गिरफ्तार किया है। वह हरियाणा में के पलवल जनपद के अलीमेव का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से पांच एटीएम कार्ड और एक स्विफ्ट कार बरामद की है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि शकील ने परतापुर थाना क्षेत्र में दो महीने पहले रैपिड स्टेशन के नीचे एटीएम में एटीएम कार्ड बदलकर एक व्यक्ति के खाते से ढाई लाख रुपये और एक महीने पहले रिठानी के एटीएम में एक युवक से एटीएम बदलकर उसके खाते से 80 हजार रुपये निकालने की बात स्वीकार की है। दोनों घटनाओं में प्राथमिकी परतापुर थाने में दर्ज है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी शकील को गिरफ्तार किया है। वह अपने गिरोह का सरगना है। वह छठवीं कक्षा पास है और उस पर 10 प्राथमिकी चोरी की दर्ज हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है। इस गैंग में शामिल उसके दो साथी पलवल जनपद के धीरवाणी निवासी साकिब और बल्लभगढ़ निवासी आदिल को परतापुर पुलिस तलाश कर रही है।
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एक सप्ताह के अभियान में 402 विवेचनाओं का हुआ निस्तारण
मेरठ। लंबित विवचेनाओं को निस्तारण के लिए चलाए गए अभियान में एसपी सिटी सर्किल के 16 थानों में 402 विवेचनाओं का निस्तारण हुआ है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सात दिवसीय अभियान में कोतवाली, ब्रह्मपुरी, कैंट, सिविल लाइन और दौराला सीओ सर्कल के 16 थानों में 1386 विवेचना लंबित थी, जिनमें से सात दिन में 402 विवेचनाओं का निस्तारण किया गया है। अब 984 विवेचनाएं लंबित रह गई है। सबसे ज्यादा लंबित विवेचनाएं दौराला सर्किल क्षेत्र में हैं। संबंधित दारोगों और थाना प्रभारी को विवेचनाओं के जल्द निस्तारण के आदेश दिए गए हैं। निस्तारण न करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर और शातिर चोरों की संपत्ति की जांच होगी
मेरठ। जनपद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और शातिर चोरों की संपत्ति की जांच का अभियान शुरू किया है। इसमें उनके हाल की खरीदी गई संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की जा रही है। साथ ही उन्हें थाने में भी तलब किया जा रहा है। उनकी पहली संपत्ति का ब्यौरा पुलिस के पास है। अब उनकी नई संपत्ति की जांच की जा रही है। साथ ही चोरी की घटनाओं में शामिल रहे शातिर चोरों की संपत्ति की भी जांच की जा रही है, उनसे नई संपत्ति की खरीद फरोख्त का पूरा ब्यौरा मांगा गया है, यदि वह खरीदी गई संपत्ति की सही जानकारी नहीं देंगे तो उनकी संपत्ति को प्रशासन को रिपोर्ट भेज कर कुर्क कराया जाएगा। पूरे महीने यह अभियान चलेगा।