मेरठ। ‘शादी करके फंस गया यार, अच्छा खासा था कुंवारा’ वर्ष 1997 की बॉलीवुड की फिल्म जुदाई के इस गीत के बोल का प्रभाव आज की युवा पीढ़ी के निजी जीवन पर दिख रहा है। जिम्मेदारी और करिअर बनाने की दौड़ मेें रिश्ते, डेटिंग, प्यार और शादी को आज के युवा नजरअंदाज कर रहे हैं। करिअर बनाने और शादी में देरी के कारण युवाओं में कई तरह की आशंकाएं भी पनप रही हैं। 12 हजार युवाओं पर हाल ही में किए गए सर्वे से पता चला है कि इससे युवाओं का शादी से मोहभंग हो रहा है। वहीं, वह रिश्तों के लिए भी समय नहीं दे पा रहे हैं।
बदलते परिवेश में एक नया फोबिया सामने आया है, जिसे गमोफोबिया नाम दिया गया है। मनोवैज्ञानिकों के पास आये दिन ऐसे केस आ रहे हैं, जिनमें लड़के और लड़कियां शादी से बचने के लिए राय ले रहे हैं। चौधरी चरण सिंह विवि मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजय ने बताया कि हाल ही में इस विषय पर सौराष्ट्र विवि की दो छात्राओं पूजा और नैंसी ने सर्वे किया है। उन्होंने 12 हजार से अधिक युवाओं पर सर्वे करने के बाद दावा किया है कि शादी से दूरी बनाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सर्वे में मेरठ के 27 से 32 साल के युवाओं को शामिल किया गया है, जिसमें 123 युवतियां और 67 युवक हैं।
युवा बोले- लक्ष्य में बाधा और आजादी प्रभावित करती है शादी
63.60 प्रतिशत का कहना है कि शादी उनके लक्ष्य में बाधा डालती है। जबकि 70.20 प्रतिशत का मानना है कि शादी से उनकी आजादी प्रभावित होती है। 90.10 प्रतिशत युवाओं ने शादी न करने या देर से करने का प्लान बना रखा है। 67.80 प्रतिशत का मानना है कि वे शादी की जिम्मेदारी ही नहीं लेना चाहते।
शादी से दूरी के कारण
- जिम्मेदारी का डर
- करिअर की प्राथमिकता
- मनचाहा साथी न मिलना
- रिश्तों में कड़वाहट
- तलाक के बाद शादी का डर
- किसी भरोसेमंद साथी का न मिलना
गमोफोबिया के कारण
- अगर किसी का कोई पुराना संबंध ऐसा रहा हो, जिसमें सौ प्रतिशत दिया हो लेकिन सामने वाले ने आपके साथ वैसा न किया हो या धोखा दिया हो तो ऐसा व्यक्ति शादी से डरता है।
- घर में माता-पिता के बीच झगड़े देखे हों या माता-पिता के बीच तलाक हो गया हो, तो ऐसे इंसान अपने मन में गलत धारणा बना लेते हैं।
- दोस्त या रिश्तेदारों की मदद के बाद भी शादी का सफल न हो पाना भी युवाओं के मन में शादी को लेकर डर पैदा कर देता है।
केस: 1
दो भाइयों के निणर्य से माता-पिता परेशान
साकेत निवासी दो भाई अमेरिका में रहते हैं। दोनों की उम्र 40 साल और इससे अधिक है, लेकिन वह अकेला रहना चाहते हैं। दोनों का कहना है कि शादी के बिना भी जीवन जिया जा सकता है। दोनों के इस निर्णय से माता-पिता परेशान हैं और वह अपने बच्चों के लिए एक परिवार चाहते हैं।
केस: 2
अकेले रहना पसंद करतीं हैं पूजा
शास्त्रीनगर निवासी पूजा नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं, उनका कहना है कि वह अपना जीवन अकेला जीना चाहती हैं, क्योंकि शादी के बाद रोक-टोक या फिर किसी तरह का दवाब उनको नहीं सहना है। अकेले जिदंगी को आसानी से जिया जा सकता है।
आज का युवा किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहते हैं। कई युवाओं को लगता है कि वह अपने सास-ससुर समेत बाकी परिवार के साथ सामंजस्य नहीं बैठा पाएंगे। इसलिए वह हर बार अपने सपनों को बीच में लाकर शादी से दूर भागते नजर आते हैं। माता-पिता के बीच का मनमुटाव भी युवाओं की जिदंगी पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।
सीसीएसयू मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार