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सेना की वर्दी में ठगी: एक ज्वाइनिंग के नाम पर 10 लाख रुपये ठगता था फर्जी कर्नल, प्रिंटर पर तैयार करता था लेटर

Wed, 13 Sep 2023 08:12 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Meerut News : मेरठ एसटीएफ की टीम ने फर्जी कर्नल को दबोचा है। आरोपी ने पूछताछ में बड़े राज खोले हैं। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।  जानिए ये फर्जी कर्नल कैसे युवाओं को अपना शिकार बनाता था।
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मेरठ में फर्जी कर्नल गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के गंगानगर में फर्जी कर्नल बनकर सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले 10वंी फेल सेना से रिटायर्ड ड्राइवर को पुलिस ने जेल भेज दिया है। एसटीएफ व पुलिस की पूछताछ में पता चला कि वह एक ज्वाइनिंग के नाम पर 10 लाख रुपये तक लेता था। पुलिस को उसके दोनों लड़कों की तलाश है जो इस गिरोह में शामिल हैं।

मूल रूप से बुलंदशहर जिले के गुलावठी क्षेत्र के ग्राम ईशापुर निवासी सत्यपाल सिंह यादव पुत्र करनसिंह यादव अपने लड़के रजत उर्फ देवेंद्र और प्रशांत के साथ मिलकर 2016 से सेना में भर्ती कराने के नाम पर कई लोगों से ठगी कर करोड़ों रुपये की रकम ऐंठ चुका है।

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सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ एसटीफ निरीक्षत मेरठ यूनिट के द्वारा गंगानगर थाने में धारा 420, 467, 468, 471, 171, 120बी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

घर में प्रिंटर पर तैयार करते फर्जी ज्वाइनिंग लेटर
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ज्वाइनिंग लेटर घर में ही तैयार किया जाता था। उसके लिए पहले ऑनलाइन सर्च कर सैंपल देखा जाता फिर रजत उर्फ देवेंद्र लैपटॉप पर उसे तैयार करता और प्रिंटआउट निकालकर स्पीडपोस्ट करते थे।

टीम को घर से 38 स्पीड पोस्ट स्लिप भी मिलीं हैं। इसके अलावा आरोपी के पास से कर्नल की वर्दी, 8 आई कार्ड, 2 मोबाइल, 5 रबड़ मोहर, प्रिन्टर, सेना एलडीसी क्लर्क के 5 ज्वाइनिंग लेटर, 38 स्पीड पोस्ट स्लिप, 1 आईडी कार्ड मेजर रैंक का, 1 आईडी कार्ड कर्नल रैंक का, 1 ब्लैक आईडी कार्ड, 2 केन्टीन स्मार्ट कार्ड, ईसीएचएस कार्ड बरामद हुआ है।

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आठ सालों में ठगे करोड़ों रुपये, पहले भी मुकदमे दर्ज 
सत्यपाल सिंह यादव शातिर भी है। जब उससे पूछताछ की गई तो शुरू में वह बरगलाता रहा और खुद की बीमारी का बहाना बना रहा। जब सख्ताई से पूछताछ की गई तो पूरी कहनानी बता दी। उसके बादया कि 2016 से वह इस गिरोह को चला रहे हैं।

प्रत्येक से नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपये तक लेते हैं। जब पीड़ितों को सच्चाई का पता चलता है तो फिर उन्हें धमकी देते हैं। इसी फरवरी 2019 में किठौर क्षेत्र के भगवानपुर बांगर निवासी सुरेंद्र मलिक पुत्र निरंजन सिंह ने इंचौली थाने में रजत और प्रशांत के खिलाफ 45 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था।

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