वहीं, एआरटीओ राजीव बंसल ने बताया कि बिना आदेश के करीब 20 वाहनों के पंजीकरण हुए हैं। इन सब फाइलों को चेक कर लिया है, सब एकदम ठीक हैं। लिपिक शबनम परवीन की लापरवाही है, उनका स्पष्टीकरण तलब किया है। वह बीमार होने के कारण छुट्टी पर हैं।
हो सकता है कमीशन बचाने का चक्कर
एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के पंजीकरण के लिए अवैध वसूली भी होती है। यह पूरा खेल कमीशन एजेंटों के माध्यम से चलता है। चर्चा है कि कमीशन एजेंट और बाबू ने मिलकर ऊपर का हिस्सा बचाने के चक्कर में यह खेल किया है। उन्होंने कुछ फाइलों में तो एआरटीओ से आदेश करा लिए जबकि कुछ में बिना आदेश के ही पंजीकरण कर दिया।
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