इसके बाद पांच फीट गहरे नाले में बांस की मदद से बच्चे को तलाशा गया। 50 मीटर की दूरी पर मासूम को नाले से बरामद कर लिया गया। लोग उसे निकालकर डॉक्टर के यहां लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटे की मौत पर रेशमा बिलख-बिलखकर रोने लगी। परिजनों में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में गुलशन भी आ गया। लोगों ने बच्चे की मौत के लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा कर दिया। बाद में बिना पुलिस को सूचित किए परिजन शव को ले गए और सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
उधर, लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर ने मामले से अनभिज्ञता जताई है। परिजनों ने बताया कि सोनू पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था और सबका दुलारा था।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/