मेरठ। शुक्रवार को मेला नौचंदी के पटेल मंडप का माहौल कहकहों से लबरेज हो गया। कवियों ने हास्य रचनाओं के माध्यम से सियासत और समाज में आए विकार को चुटीले अंदाज में सुनाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। वहीं व्यंग्यकारों ने अपने कटाक्ष से बुराइयों को आइना दिखाया।
कार्यक्रम में निवेदिता शर्मा का शुभारंभ मां शारदे की वंदना से हुआ। बिजनौर से आए वरिष्ठ हास्य कवि हुक्का बिजनौरी ने कहा कि मिलावट की दौड़ में हम इतना आगे निकल गए, कीड़े मारने की दवाई में भी कीड़े पड़ गए। इस पंक्तियों को पढ़कर उन्होंने वर्तमान समय में मिलावट करने वालों पर प्रहार किया।
कवि सम्मेलन में दीप प्रज्ज्वलन डॉ. हरिओम पंवार, मुख्य कवियों के साथ के साथ नासिर, अजय, जितेंद्र अग्रवाल ने किया। खुर्जा से आए कवि धांसू खैरवी ने कहा कि फिल्म बॉबी देखकर लौटे प्रेमी ने प्रेमिका से कहा, प्रिय तुम्हारे बिन नहीं जाता रहा, काश ऐसा हो जाए, हम तुम एक कमरे में बंद हों और चाबी खो जाए। सुनाकर श्रोताओं को खूब हंसाया। सिकंदराबाद से आए कवि देवेंद्र दीक्षित ने कहा कि शूल ने सुनाया गुमसुम रहोगे तो रोग हो जाएगा, मुरझाया हुआ फूल क्या महफिल सजाएगा। वीरेंद्र अबोध ने कहा, अब इलाके में अपनी भी जान पहचान हो गई, जिंदगी हम पर भी मेहरबान हो गई, अब तो दलाली का धंधा भी चल निकला, घरवाली जब गांव प्रधान हो गई। शांति स्वरूप अनाड़ी ने कहा, शब्द ही घाव देते शब्द ही मरहम लगाते हैं, हम चुन चुनके शब्दों से कविता बनाते हैं। हापुड़ से आए अनिल वाजपेयी ने कहा, बाबा जी मुझे बचाओ, पत्नी की पिटाई से बचने का कोई उपाय हो तो बताओ, बाबा बोले पत्नी की पिटाई से बचने का उपाय यदि जानता, तो बाबा ही क्यूं बनता। गाजियाबाद से आए स्वदेश यादव, डॉ. निवेदिता शर्मा, कवि सुदेश यादव ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल वाजपेयी, सागर, संजय जैन, सरबजीत कपूर, नरेंद्र राष्ट्रवादी, अंकुर गोयल, राकेश गौड़, सुनील भारद्वाज, अजय वर्मा आदि रहे।
मेरे ढोलना गीत ने सभी का मनमोहा
मेरठ। नौचंदी मेला पटेल मंडप में स्कूली बच्चों के कार्यक्रम हुए। डॉ. मोनिका सिंह, सरबजीत कपूर ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया। राजकीय महिला महाविद्यालय खरखौदा की छात्राओं ने सुंदर प्रस्तुति दी। शास्त्रीय संगीत, पंजाबी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। समूह नाटक में हिबा, ऋतु, साक्षी, विशाखा, काजल ने प्रस्तुति दी। मेरे ढोलना गीत पर दीप्ति और घर मेरा परदेसिया गीत पर काजल ने प्रस्तुति दी। नगर निगम के द्वारा सभी बच्चों को प्रमाण पत्र दिए गए। इस अवसर पर पदम सिंह, निशांत, आयुष, अक्षय आदि रहे।
कवि हरिओम पवार सुरेंद्र दुबे स्मृति सम्मान से सम्मानित
मेरठ। हास्य कवि एवं संवेदनशील गीतकार सुरेंद्र दुबे की स्मृति में केकड़ी में स्मृति सम्मान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ओज के कवि डॉ. हरिओम पंवार और गीत के चितेरे डा. विष्णु सक्सेना को सुरेंद्र दुबे स्मृति सम्मान दिया गया। इसके तहत प्रत्येक को एक लाख ग्यारह हजार रुपए नगद और ताम्रपत्र भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र जोशी ने किया। इसके बाद प्रसिद्ध कवयित्री डा. कीर्ति काले के संचालन में अखिल भारतीय कविसम्मेलन आयोजित किया गया।
चरण हों राघव के वहां मेरा ठिकाना हो
मेरठ। नौचंदी मेला पटेल मंडप में देर रात बैंड के साथ सूफी नाइट हुई। साधो बैंड के मुख्य गायक धनंजय शाही और अश्विनी साहनी ने नगरी हो अयोध्या सी गीत के साथ अपनी प्रस्तुति आरंभ की। चरण हो राघव के जहां मेरा ठिकाना हो शब्दों को सुनकर सभी झूम उठे।
गायक धनंजन ने काली काली ज़ुल्फों के फंदे न डालो गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान सलमान खान की चर्चित मूवी का गीत तेरे नाम हमने किया है जीवन अपना सारा सनम गीत को सुनकर सभी अपनी पुरानी यादों में खो गए। कार्यक्रम के मध्य में सभी धर्म से जोड़ते हुए उन्होंने मंगल भवन अमंगल हारी भजन प्रस्तुत किया। इस दौरान तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी गीत की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान संजय जैन, अंकुर गोयल, राकेश गौड़, अजय, नासिर रहे।