फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्र 85 जज्बा 25 का: पाकिस्तान को दो बार घर में घुसकर मारा, चीन से भी लड़े बाबू खान, बोले-अब भी लड़ने को तैयार

Fri, 09 May 2025 02:38 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

85 वर्षीय पूर्व सैनिक बाबू खान का जोश नौजवानों को भी मात दे रहा है। पूर्व सैनिक बाबू खान पाकिस्तान सीमा पर फिर से लड़ने के लिए तैयार हैं। वह अब तक दो युद्धों में हिस्सा ले चुके हैं। कहते हैं,  भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से दिल को ठंडक मिली है। अब भी मौका मिले तो लड़ने को तैयार हूं'। कहा-'पाकिस्तान की फितरत नहीं बदलेगी, जब तक मार न खाएगा, बाज नहीं आएगा'।
विज्ञापन
1 of 5
85 वर्षीय पूर्व सैनिक बाबू खान - फोटो : अमर उजाला
एक सैनिक उम्र भर एक सैनिक रहता है। 85 वर्ष के बाबू खान के जज्बे को देखकर आप भी यही कहेंगे। वृद्धावस्था में भी पूर्व सैनिक बाबू खान पाकिस्तान सीमा पर पहुंचकर पाकिस्तान से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। वह कहते हैं-भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान में आतंकियों को मौत के घाट उतारा है, उससे दिल को ठंडक पहुंची है। शुरुआत से ही पाकिस्तान की फितरत है कि जब तक मार नहीं खाएगा, तब तक बाज नहीं आएगा। ऐसा कहकर पूर्व सैनिक बाबू खान उन यादों में खो गए, जब पाकिस्तान के साथ युद्ध में दो बार हिस्सा लिया। बोले कि मौका मिलने पर फिर पाकिस्तान से लड़ने को तैयार हूं।
विज्ञापन

2 of 5
85 वर्षीय पूर्व सैनिक बाबू खान - फोटो : अमर उजाला
ढिकौली गांव के बाबू खान ने सेना से मिले दो मेडल दिखाते हुए बताया कि वह 1961 में सेना में भर्ती हुए। एक साल बाद 1962 में चीन के खिलाफ युद्ध में हिस्सा लिया।
विज्ञापन

3 of 5
85 वर्षीय पूर्व सैनिक बाबू खान के सेना मेडल - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1965 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ा। तब उन्होंने साथी सैनिकों के साथ लाहौर में घुसकर पाकिस्तानी सैनिकों को मारा था। वहां बिजली की लाइनों को तहस-नहस किया। पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था, लेकिन अपनी फितरत के मुताबिक नापाक हरकतें करने लगा।

4 of 5
85 वर्षीय पूर्व सैनिक बाबू खान - फोटो : अमर उजाला
फिर वर्ष 1971 में पाकिस्तान से युद्ध हुआ। इस युद्ध में मुझे भाग लेने का मौका मिला। कलकत्ता में बांग्लादेश सीमा पर लड़ाई लड़ी थी। पाकिस्तान सेना ने आत्मसमर्पण किया, जिन्हें बंदी बनाने का मुझे भी मौका मिला था। बांग्लादेश बनने पर युद्ध खत्म हो गया था।

यह भी पढ़ें: Meerut News Today Live: मेरठ और आसपास की ताजा और अहम खबरें, पढ़ें 9 मई को आपके शहर में क्या हुआ
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
85 वर्षीय पूर्व सैनिक बाबू खान - फोटो : अमर उजाला
बोले कि शुरू से ही पाकिस्तानी सेना मानवता विरोधी काम करती आई है। पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत थी। बोले कि सरकार मौका दे तो बॉर्डर पर पाकिस्तानियों से लड़ने को तैयार हूं। जरूरत पड़ने पर अपने चार बेटों तथा एक पौत्र को पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए भी भेजने को तैयार हूं।


संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें