एक सैनिक उम्र भर एक सैनिक रहता है। 85 वर्ष के बाबू खान के जज्बे को देखकर आप भी यही कहेंगे। वृद्धावस्था में भी पूर्व सैनिक बाबू खान पाकिस्तान सीमा पर पहुंचकर पाकिस्तान से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। वह कहते हैं-भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान में आतंकियों को मौत के घाट उतारा है, उससे दिल को ठंडक पहुंची है। शुरुआत से ही पाकिस्तान की फितरत है कि जब तक मार नहीं खाएगा, तब तक बाज नहीं आएगा। ऐसा कहकर पूर्व सैनिक बाबू खान उन यादों में खो गए, जब पाकिस्तान के साथ युद्ध में दो बार हिस्सा लिया। बोले कि मौका मिलने पर फिर पाकिस्तान से लड़ने को तैयार हूं।