सहारनपुर। सर्दी के साथ ट्रेनों में सफर मुश्किल भरा होने लगा है। कोहरे की मार से ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है, जिससे ट्रेनें गंतव्य तक लेट पहुंच रही हैं। वहीं, रेलवे ने भी सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए लोको पायलटों को निर्देश दिए। कहा कि घने कोहरे के बीच 75 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा ट्रेनों को न चलाया जाए, क्योंकि घने कोहरे में दृश्यता कम रहती है।
दरअसल, कोहरे के दौरान सुरक्षित ट्रेन संचालन में आधुनिक जीपीएस आधारित फॉग सेफ डिवाइस का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। फॉग सेफ डिवाइस के जरिए ट्रेनें घने कोहरे के बीच 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी। फॉग डिवाइस से लोको पायलटों को सिग्नल की जानकारी पहले से मिलती रहेगी, जिनमें फाग डिवाइस नहीं है, वह ट्रेनें 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे से ही चलेगी। घने कोहरे में ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो जाती है।
इसी कारण रेलवे आगामी दो मार्च तक के लिए 26 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों को निरस्त किया है, जिनमें जनसेवा, अकालतख्त, जलियावाला बाग, दुर्गियाना, बरौनी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें शामिल हैं। रविवार को ट्रेन नंबर 15903 डिब्रुगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस, कोलकाता-अमृतसर दुर्गियाना एक्सप्रेस चार-चार घंटे की देरी से पहुंची। दिल्ली-सहारनपुर मेमू एक्सप्रेस निरस्त रही। उधर, अंबाला मंडल के डीआरएम मनदीप सिंह भाटिया ने बताया कि घने कोहरे में लोको पायलट को सुरक्षित संचालन के लिए निर्देश दिए गए हैं।