सरधना। कृपाओं की माता मरियम के महोत्सव में पहले दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने माता मरियम की चमत्कारिक तस्वीर के दर्शन कर मन्नत मांगी। सभी श्रद्धालुओं को माता मरियम की विनम्रता और जीवन के संघर्ष का अनुसरण करने आह्वान किया गया। देश में सुख शांति और बीमारों के स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की गई। उधर, फादर जॉन मिल्टन ने बताया कि मुख्य समारोही खीस्तयाग रविवार से आयोजित होगा। जिसमें मेरठ के धर्मप्रांत के अध्यक्ष भास्कर जेसुराज भाग लेंगे और प्रार्थना कराएंगे।
सरधना के ऐतिहासिक कैथोलिक चर्च में कृपाओं की माता के महोत्सव में चमत्कारिक तस्वीर के समक्ष आशीर्वाद लेने के लिए शनिवार देर शाम तक करीब तीस हजार से भी ज्यादा श्रद्धालु सरधना पहुंच चुके हैं। इनमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड आदि राज्यों से आए श्रद्धालुओं की तादाद अधिक है। राजकीय बसिलिका का दर्जा प्राप्त सरधना चर्च, कृपाओं की माता का पवित्र स्थान है। आस्था के इस संगम में विभिन्न समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। इसी तरह चर्च परिसर व अंदर हिन्दू हो या मुसलमान, सिक्ख हो या इसाई सभी धर्म के लोग महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं की खातिरदारी में लगे हैं। विशेष प्रार्थना के सुबह आठ बजे चर्च में फादर निर्मल प्रतीक ने पवित्र मिस्सा बलिदान की प्रार्थना कराई। उन्होंने कहा कि माता मरियम ने मुक्तिदाता को जन्म दिया। दुनिया के लिए अपना पुत्र समर्पित कर दिया। सभी प्रार्थना करो ईश्वर स्वर्ग से कृपा बरसा देंगे। फादर जार्ज कोल्लेरिल व शाम को चार बजे मुख्य अनुष्ठाता फादर सहाय एडविन बिनो ने प्रार्थना से पूर्व कहा कि माता मरियम प्रभु की महानता का गुणगान करती है और उनकी प्रशंसा करते हुए कहती हैं कि वे सचमुच महान हैं। कई बार हम छोटी-छोटी चीजों के पीछे भटकते हैं और पूर्वाग्रह, विद्वेष, प्रतिद्वंद्विता, ईर्ष्या और भौतिक चीजों में लगे रहते हैं। फादर सन्नी मट्टू व रात आठ बजे फादर बिनू जोसेफ ने श्रद्धालुओं से कहा कि मरियम ने सशरीर अनन्त जीवन को प्राप्त कर लिया है और वे वहां हमारा इंतजार करती हैं। उसी तरह जिस तरह एक मां अपने बच्चों के घर लौटने का इंतजार करती है। इस अवसर पर माता मरियम के भजन, माला विनती, मिस्सा बलिदान के बाद परम प्रसाद का वितरण हुआ।