बता दें कि बृहस्पतिवार को क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के समीप गंगा का कच्चा तटबंध टूट गया था, जहां से पानी निकलकर बाहर की ओर तबाही मचा रहा है। दर्जनों गांव टापू बने हुए हैं। आधा दर्जन गांवों में पानी भर चुका है। लोगों का जन-जीवन यहां पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
रविवार को हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से एक बार फिर गंगा में जल छोड़ा गया है। इसे देखते हुए अधिकारी सभी पुख्ता तैयारियां करने में लगे हैं। जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी और एसडीएम अखिलेश यादव क्षेत्र के गांव लतीफपुर में बाढ़ चौकी पर पहुंचे। उन्होंने एसडीआरएफ के स्टीमर से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के गांव हादीपुर गावड़ी, सिरजेपुर, किशनपुर आदि में पहुंचकर लोगों को गंगा के बढ़ते जलस्तर की जानकारी दी। साथ ही सुरक्षित स्थान पर चलने के लिए कहा।
एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़ राहत के कार्य निरंतर जारी हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों की स्वास्थ्य से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था की जा रही है। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
हस्तिनापुर के दर्जनों गांवों तक पहुंचा पानी।
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बिजनौर बैराज पर तैनात अपर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि रविवार रात 10 बजे बिजनौर बैराज से गंगा का जलस्तर एक लाख 65 हजार क्यूसेक था।
ये गांव होंगे बाढ़ से प्रभावित
फतेहपुर प्रेम, हरिपुर, मानपुर, सहजादपुर, तारापुर, चामरोध, दबखेड़ी, रठौरा कला, दूधली, भीमकुंड, मखदुमपुर, किशोरपुर मामेपुर, जलालपुर जोरा, किशनपुर, भागोंपुर, हंसापुर परसापुर, कुंहेडा, हादीपुर गांवडी, सिरजेपुर, बधवा खेडी, मनोहरपुर आदि।
हस्तिनापुर में बाढ़ का पानी घरों में घुसा।
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एसडीएम सरधना ने किया निरीक्षण
सरधना एसडीएम आईएएस जागृति अवस्थी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने के लिए हस्तिनापुर पहुंचीं। उन्होंने खादर क्षेत्र के गांव लतीफपुर में स्थित बाढ़ चौकी पर एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी एवं एसडीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की और बाढ़ के बारे में कई बिंदुओं पर चर्चा की। एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने विभिन्न बिंदुओं से एसडीएम सरधना को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को देंगी।
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