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यूपी में जानलेवा हुई ठंड, सपा नेता के पिता सहित पांच की मौत, 30 साल बाद छाया ऐसा कोहरा

Tue, 31 Dec 2019 12:38 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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छाया कोहरा - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में भीषण ठंड अब जानलेवा बन गई है। दिन का तापमान सामान्य से 14 डिग्री नीचे चल रहा है। रात का तापमान लुढ़ककर 2.5 डिग्री पहुंच गया है। घना कोहरा चौबीस घंटे तक छाया रहा। दृष्यता शून्य से भी काफी कम रही। सूरज के दर्शन नहीं हुए और दोपहर बारह बजे ही अंधेरा छा गया मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 30 साल बाद ऐसा कोहरा रहा है। नए साल पर गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं। अभी 48 घंटे तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। वहीं मेरठ में ठंड से पांच लोगों की मौत हो गई।

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सोमवार को सर्दी पूरे शबाब पर पहुंच गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सोमवार को बिगड़े मौसम में खास बात यह रही कि दिन में कोहरे के चलते दृष्यता तड़के तीन बजे से लेकर सुबह करीब छह बजे तक शून्य से 10 मीटर तक कम रही। ऐसे में वाहन चलाना तो दूर पैदल चलने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसा उस स्थिति में होता है जब दिन और रात का तापमान काफी नजदीक आ जाता है। सोमवार को दिन का तापमान 7.3 डिग्री व रात का तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बढ़ती ठंड के बीच रविवार की रात सीजन में सबसे सर्द रही है। मैदानी इलाकों में पड़ रही सर्दी पहाड़ी क्षेत्रों की ठंड को चुनौती दे रही है। जो अब जानलेवा भी बन रही है।

पश्चिमी विक्षोभ हैं जिम्मेदार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब मौसम में नमी ज्यादा बढ़ जाती है और दिन-रात के तापमान में अंतर कम हो जाता है तो सर्दी का असर ज्यादा हो जाता है। इस समय अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर बहुत कम है। दिसंबर में दिन का तापमान निचले नीचे स्तर पर पहुंचने के कारण ठंड में इजाफा हुआ है। यही कारण है कि दिन में सर्दी का सितम ज्यादा हो रहा है। इस बार खास बात ये भी है कि लगातार पश्चिमी विक्षोभ बहुत ज्यादा बन रहे हैं, जिससे ठंड निरंतर बनी हुई है।
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रेगिस्तान से आ रही बर्फीली हवाएं  

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रेगिस्तान की ओर से पहाड़ों से घूमकर आ रही उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने ठंड को बढ़ा दिया है। जब रेगिस्तान से हवाएं आती हैं और पहाड़ों पर नया पश्चिमी विक्षोभ बनता है तो सर्दी का असर और ज्यादा बढ़ जाता है। 

कैसे बनता है कोहरा 
ठंडी आद्र हवा में कोहरा बनता है। इसके अस्तित्व में आने की प्रक्रिया बादलों जैसी ही होती है। गर्म हवा की अपेक्षा ठंडी हवा अधिक नमी लेने में सक्षम होती है और वाष्पन के द्वारा यह नमी ग्रहण करती है। ये वह बादल होता है जो भूमि के निकट बनता है। अगर धुंध और कोहरे के बीच अंतर दृश्यता एक हजार मीटर से कम है तो इसे हम कोहरा कहते हैं और अगर दृश्यता एक हजार मीटर से अधिक है तो हम इसे धुंध कहते हैं। 

अभी सताएगी सर्दी
निचले सतह पर बादल छाए रहने व उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर बढ़ रहा है। कोहरा अभी चौबीस घंटे तक ऐसे ही रहेगा। एक जनवरी को दिन में थोड़ी राहत मिल सकती है रात से फिर मौसम बिगड़ रहा है। दो और तीन जनवरी में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश व ओले पड़ने के आसार हैं, जिससे अभी ठंड का असर बना रहेगा। - डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि 

बारिश की तरह बरस रहा कोहरा
दिसंबर में इस बार ठंड रिकॉर्ड तोड़ रही है। कोहरा बारिश की तरह बरस रहा था। खुले में कोहरा इतना जम रहा था, जैसे बारिश पड़ी हो। दृष्यता 10 मीटर से भी कम रही थी। ऐसे स्थिति दिन में भी रही। अभी ठंड का असर रहेगा। बारिश के बाद ही थोड़ा मौसम बदलेगा। - डॉ. एन. सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर

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देहात में सर्दी ने कहर बरपाया

सरधना देहात इलाके में सर्दी ने ऐसा कहर बरपाया कि पांच लोगों की जान ले ली। फलावदा कस्बे में ठंड से सपा नेता एवं सभासद के पिता बुंदू कुरैशी (75) एवं नगर पंचायत के पूर्व सफाई नायक जयप्रकाश (60) का रविवार को निधन हो गया। 

वहीं, मोहल्ला जूड़वाला निवासी रणवीर (60) एवं मोहल्ला चौहट्टा निवासी सरवरी (80) की सोमवार को मौत हो गई। हालांकि बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए लोगों ने घरों में पर्याप्त बंदोबस्त किए हैं। 

उधर, सरधना तहसील के गांव औरंगनगर रार्धना निवासी सतेंद्र (52) पुत्र महावीर रविवार रात खेत की सिंचाई करने गया था। सुबह ठंड के चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने गांव में ही चिकित्सक को दिखाया। जहां से शहर के लिए रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही सतेंद्र की मौत हो गई। परिजनों ने आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने की वजह से मुआवजे की मांग की है।

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