पूर्वांचल की जेल में बंद बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी व उनके विधायक पुत्र अमनमणि त्रिपाठी के पांच साथी मेरठ में दबोचे गए। इसकी जानकारी लगने पर पुलिस अधिकारियों के पास सिफारिशें पहुंचनी शुरू हो गईं। विधायक ने भी कई कॉल कीं। करीब पांच घंटे की पूछताछ के बाद उनको छोड़ा गया। बताया गया कि वह कुख्यात ऊधमसिंह के घर पर जाने वाले थे।
यह मामला रविवार रात का बताया गया। एसएसपी अजय साहनी को सूचना मिली थी कि पूर्वांचल के पांच बदमाश कुख्यात ऊधमसिंह के गांव करनावल में जा रहे हैं। एसएसपी के निर्देश पर सीओ दौराला जितेंद्र सरगम की टीम ने घेराबंदी कर करनावल गांव की ओर जाते कार सवार पांच युवकों को पकड़ लिया। थाना कंकरखेड़ा में हुई पूछताछ में गोरखपुर निवासी ये पांचों युवक पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनके विधायक पुत्र अमनमणि त्रिपाठी के करीबी बताए गए।
बाहुबली पूर्व मंत्री का नाम सुनकर पुलिस ने गहन पड़ताल शुरू की। इसी दौरान विधायक अमनमणि त्रिपाठी समेत कई नेताओं ने मेरठ के पुलिस अधिकारियों को कॉल कर पांचों युवकों को छोड़ने की सिफारिश की। बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म का टेंडर निकाला था। जिसमें मयंक और गौरव तिवारी ने रजिस्ट्रेशन कराया था। टेंडर के बारे में वह जिलाधिकारी से भी मिलकर गए थे। पुलिस ने इसकी भी पड़ताल की और फिर उनको छोड़ दिया।
ऊधम का नाम कैसे जुड़ा
अमरमणि त्रिपाठी गोरखपुर की जेल में बंद बताए गए। इनके पांच साथियों का नाम आजमगढ़ जेल में बंद कुख्यात ऊधम सिंह से कैसे जुड़ा और वे करनावल क्यों जा रहे थे, इसकी जांच में पुलिस ने पांचों युवकों की सीडीआर का मिलान कराया। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पकड़े गए युवकों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। गहनता से जांच के बाद उन्हें क्लीनचिट दी गई।
जांच पड़ताल के बाद छोड़ा
पकड़े गए पांचों युवकों ने निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी के चुनाव में साथ रहना बताया। टेंडर के लिए वह मेरठ में आए थे। विधायक का भी फोन आया था। जांच पड़ताल के बाद ही युवकों को छोड़ा गया। सूचना थी कि वह ऊधमसिंह के घर जा रहे थे।
-अजय साहनी, एसएसपी मेरठ