मेरठ। उप्र सरकार ने स्कूलों में संचालित वाहनों में यात्री सुरक्षा को लेकर कदम उठाया है। स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच अब एप के माध्यम से जिला स्तर से ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर से भी होगी। इसके लिए विभाग ने एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक सभी स्कूलों को अपने वाहन और चालकों का विवरण डालने के निर्देश दिए हैं। जिनकी निगरानी शुरू हो गई है।
इस संबंध में संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता सिंह का कहना है कि इस नई व्यवस्था के तहत अभियान चलाकर जनपद समस्त स्कूली वाहनों की फिटनेस की जांच शुरू की गई है। इसी क्रम में परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित समस्त स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रदेश, जिला, शिक्षा विभाग एवं विद्यालय स्तर पर भी मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
पोर्टल पर डालना होगा स्कूली वाहनों का विवरण
- पोर्टल पर समस्त विद्यालयों को अपने विद्यालय में संचालित वाहनों का विवरण डालना होगा। जिसमें वाहन का पंजीकरण क्रमांक, वाहन का प्रकार, वाहन की आयु, वाहन का मॉडल, इंजन संख्या, चेसिस संख्या, वाहन स्वामी का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, परमिट संख्या, परमिट वैधता, फिटनेस प्रमाण पत्र संख्या, फिटनेस वैधता, बीमा प्रमाण पत्र, बीमा वैधता, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र वैधता, कैमरा की स्थापना आदि विवरण करना होगा। इसके अतिरिक्त वाहन चालक का पूर्ण विवरण जैसे चालक का पूरा नाम, पता, बस संख्या, बस वैधता, न्यूनतम 5 वर्ष का वाहन चलाने का अनुभव,पुलिस सत्यापन तिथि, प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण प्रमाण पत्र व तिथि, मोबाइल नम्बर भी देना होगा।