प्रधानमंत्री ने कहा अब मेरठ से खेलों की क्रांति शुरू होगी। इसके लिए हमने खिलाड़ियों को चार शस्त्र दिए हैं। इसमें संसाधन, आधुनिक प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, चयन में पारदर्शिता शामिल हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ने में सबसे आगे होगा’।
‘1857 की क्रांति मेरठ से ही पूरे देश में फैली थी। यहीं से अंग्रेजों को सबसे पहले ललकारा गया था। अब मेरठ से खेलों की क्रांति शुरू होगी। इसके लिए हमने खिलाड़ियों को चार शस्त्र दिए हैं। इसमें संसाधन, आधुनिक प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, चयन में पारदर्शिता शामिल हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ने में सबसे आगे होगा’। ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में कहीं।
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मोदी ने कहा कि जितना ध्यान खेलों पर हमारी सरकार ने दिया, इतना कभी नहीं दिया गया। देश के शीर्ष खिलाड़ियों को खाने-पीने, फिटनेस से लेकर टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। आज हमारे खिलाड़ी के प्रदर्शन को दुनिया भी सराहती है। हमने मेडल की ऐसी झड़ी लगा दी कि खेल के मैदान में भारत का उदय हो गया। खेल विश्वविद्यालय में भी आधुनिक सुविधाओं के साथ सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी।
ढाई मिनट की फिल्म में दिखा खेल विवि
सरधना के सलावा में 90 एकड़ जमीन पर बनाए जाने वाले खेल विश्वविद्यालय का डिजाइन भी लोगों ने देखा। ढाई मिनट के वीडियो में देश में हुए खेल और उत्पादों पर कार्य को भी दिखाया गया। इसमें प्रधानमंत्री के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते खिलाड़ियों के सम्मान से लेकर खेल विश्वविद्यालय के सफर को दिखाया गया है।
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मणिपुर में बना था देश का पहला खेल विवि
देश का पहला खेल विश्वविद्यालय मणिपुर में वर्ष 2018 में बनाया गया। वहीं, अब उत्तर प्रदेश में पहले खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सात वर्षों से खिलाड़ियों के संसाधनों पर सबसे अधिक कार्य हुआ।