देर रात 30 राउंड फायरिंग से उकसिया गांव में दहशत फैल गई। पुलिस को गुड्डू पुत्र तेजपाल का शव भूषण के घर में ही पड़ा मिला। पुलिस ने घायल संजय को अस्पताल में भर्ती कराया है जबकि गुड्डू का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव में तनाव का माहौल देखते हुए कई थानों की पुलिस देर रात तक डेरा डाले हुए थी। एसपी देहात केशव कुमार, सीओ सरधना कई थानों की पुलिस मौके में गश्त की और मामले कीन गहन छानबीन की। देर रात तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई थी और आला अफसर मौके पर जमे हुए थे।
जिस वक्त दोनों पक्षों में गोलियां चल रहीं थीं तब गांव में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों में घुस गए। पुलिस के सामने भी कोई बोलने के लिए तैयार नहीं था।इस खूनी कांड की पटकथा 19 फरवरी को लिखी गई थी। उस वक्त गांव के ही दीपक पुत्र भूषण की मौत को परिजन सड़क हादसा मानते रहे। पुलिस ने भी मामला सड़क दुर्घटना में ही दर्ज किया था। बाद में पता चला कि दीपक की हत्या की गई। इसी को लेकर तनातनी चली आ रही थी।
पुलिस करती कार्रवाई तो न होता खूनी संघर्ष
रोहटा पुलिस ने अगर दीपक की मौत के मामले में ठीक से पड़ताल कर कार्रवाई की होती तो रविवार को उकसिया में खूनी संघर्ष न होता। गांव में भी इसकी चर्चा रही।