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कानून का नहीं खौफ: मेरठ के उकसिया में देर रात चलीं ताबड़तोड़ गोलियां, 30 राउंड फायरिंग, एक की मौत, गांव में तनाव

Mon, 28 Mar 2022 04:05 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के पुरानी रंजिश को लेकर उकसिया गांव में रविवार की देर रात  30 राउंड फायरिंग से दहशत फैल गई। पुलिस को गुड्डू पुत्र तेजपाल का शव भूषण के घर में ही पड़ा मिला।
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meerut murder news - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर उकसिया गांव में रविवार की देर रात पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में हुई फायरिंग में गुड्डू (33) पुत्र तेजपाल की मौत हो गई। गांव में करीब 30 राउंड गोलियां चलीं। एसपी देहात कई थानों की फोर्स लेकर गांव में पहुंचे और जांच-पड़ताल की।  

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जानकारी के अनुसार उकसिया निवासी राहुल और दीपक 19 फरवरी को बाइक पर जा रहे थे। बागपत के पुरा महादेव गांव के पास दीपक मृत मिला था जबकि राहुल बेहोश था। पुलिस ने यह मामला सड़क दुर्घटना में दर्ज कर लिया था। तीन दिन बाद होश में आने पर राहुल ने बताया कि यह हादसा नहीं था बल्कि उकसिया के ही गुड्डू ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस पर हमला किया था।

इस मामले में आरोपी गुड्डू लगातार धमकी दे रहा था कि अगर कार्रवाई की तो जान से मार देंगे। रविवार को दीपक के पिता भूषण थाने में शिकायत करके लौटे तो गुड्डू ने उनके घर जाकर धमकी दी। दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले और फायरिंग में गुड्डू की मौत हो गई जबकि बागपत के कमाला गांव का संजय घायल है।
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देर रात 30 राउंड फायरिंग से उकसिया गांव में दहशत फैल गई। पुलिस को गुड्डू पुत्र तेजपाल का शव भूषण के घर में ही पड़ा मिला। पुलिस ने घायल संजय को अस्पताल में भर्ती कराया है जबकि गुड्डू का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।   

गांव में तनाव का माहौल देखते हुए कई थानों की पुलिस देर रात तक डेरा डाले हुए थी। एसपी देहात केशव कुमार, सीओ सरधना कई थानों की पुलिस मौके में गश्त की और मामले कीन गहन छानबीन की। देर रात तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई थी और आला अफसर मौके पर जमे हुए थे।

जिस वक्त दोनों पक्षों में गोलियां चल रहीं थीं तब गांव में भगदड़ मच गई और लोग अपने घरों में घुस गए। पुलिस के सामने भी कोई बोलने के लिए तैयार नहीं था।इस खूनी कांड की पटकथा 19 फरवरी को लिखी गई थी। उस वक्त गांव के ही दीपक पुत्र भूषण की मौत को परिजन सड़क हादसा मानते रहे। पुलिस ने भी मामला सड़क दुर्घटना में ही दर्ज किया था। बाद में पता चला कि दीपक की हत्या की गई। इसी को लेकर तनातनी चली आ रही थी। 

पुलिस करती कार्रवाई तो न होता खूनी संघर्ष
रोहटा पुलिस ने अगर दीपक की मौत के मामले में ठीक से पड़ताल कर कार्रवाई की होती तो रविवार को उकसिया में खूनी संघर्ष न होता। गांव में भी इसकी चर्चा रही। 
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