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मेरठ: मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अजहर समेत 8 पर एफआईआर

Mon, 13 Dec 2021 02:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी के स्टाफ में काम करने वाले शैलेन्द्र शर्मा के साथ शुक्रवार की शाम मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने मारपीट की थी।
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अस्पताल में पीड़ित युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में मेडिकल कालेज में तीमारदार से मारपीट करने वाले जूनियर डॉक्टर अजहर व उसके आठ अज्ञात साथियों के विरूद्ध रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उपद्रव व मानहानि सहित विभिन्न धाराएं एफआईआर में शामिल की गई हैं। हिंदू जागरण मंच ने अब डॉक्टर अजहर के निलंबन का मुद्दा उठाया है।
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किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी के स्टाफ में काम करने वाले शैलेन्द्र शर्मा के साथ शुक्रवार की शाम मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने मारपीट की थी। शैलेन्द्र अपने भाई निशांत और कुलदीप के साथ अपने कैंसर पीड़ित ताऊ मुकेश चंद का हालचाल लेने पहुंचे थे। तभी जूनियर डॉक्टर अंकित और अजहर से इनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि जूनियर डाक्टरों ने शैलेंद्र को बंधक बनाकर पीटा और मांफी मंगवाते हुए उसकी वीडियो भी बना ली।

यह भी पढ़ें: मेरठ: मेडिकल के जूनियर डॉक्टरों ने किठौर विधायक के स्टाफ को पीटा, बनाया बंधक, एक निलंबित
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शनिवार को हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कार्यकर्ताओं के साथ मेडिकल थाने पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की थी। इस पर रविवार को जूनियर डाक्टर अजहर और उसके अज्ञात आठ साथियों के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। हिंदू जागरण मंच ने मुकदमा दर्ज होने के बाद अब जूनियर डाक्टर अजहर को निलंबित किए जाने की मांग उठाई है। ऐसा न होने की स्थिति में सोमवार से धरने की चेतावनी दी गई है।

अंकित का निलंबन, एफआईआर अजहर पर
10 दिसंबर की शाम इस घटना के बाद शैलेंद्र के भाई निशांत ने मेडिकल पुलिस को तहरीर लिखकर दी। इस तहरीर में जूनियर डाक्टर अंकित व अजहर का जिक्र किया गया था। उसी के आधार पर मेडिकल प्रशासन ने अंकित को निलंबित भी किया। रविवार को शैलेन्द्र के पिता सुभाष चंद शर्मा की नई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। चौंकाने वाली बात यह है कि निलंबित डा. अंकित का तहरीर में कहीं जिक्र नहीं है। तहरीर बदलना और फिर मारपीट के आरोपी एक डाक्टर का नाम हटाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
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तहरीर के आधार पर दर्ज हुई रिपोर्ट
हमले के आरोपी जूनियर डाक्टर व उसके सात-आठ अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस को जो तहरीर मिली थी, उसी के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। - देवेश सिंह, सीओ सिविल लाइन
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