संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति और ससुराल पक्ष के लोग आए दिन मारपीट करते थे। इतना ही नहीं, पति चारपाई के पाए के नीचे उसका हाथ रखकर उस पर बैठ जाता था, जिससे उसे असहनीय पीड़ा होती थी। पीड़िता की तहरीर पर पल्लवपुरम थाना पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पल्लवपुरम फेस-दो स्थित उदय कुंज निवासी अंशिका उर्फ खुशी ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि उसकी शादी सात दिसंबर 2013 को शामली जनपद के गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र के गांव ताना निवासी हिमांशु के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी में दिए गए सामान से ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था और शुरू से ही स्कॉर्पियो कार तथा दस लाख रुपये की दहेज की मांग की जाती रही। मांग पूरी न होने पर मारपीट की जाती थी।
आरोप है कि उसने कई बार अपने मायके वालों को पूरी बात बताई। दोनों परिवारों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला। आरोप है कि पति चारपाई के पाए के नीचे उसका हाथ रखकर उस पर बैठ जाता था और इस तरह शारीरिक यातनाएं देता था। 24 अप्रैल 2026 को उसे घर से निकाल दिया गया। पुलिस ने पति हिमांशु, ससुर संजय और सास बबीता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।
सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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