भानु प्रताप दावा करते रहे कि वे ही प्रत्याशी हैं, लेकिन आखिरकार उनका टिकट काट दिया और सोमवार को अतुल प्रधान का टिकट घोषित कर दिया गया। लग रहा था कि खींचतान पर विराम लगेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टिकट होते ही बयानबाजी शुरू हो गई।
योगेश वर्मा ने कहा कि यह दलितों के साथ धोखा है। यहां दलित समीकरण है। टिकट दलित का कटा है तो दलित को ही टिकट दिया जाना चाहिए था। इसके बाद से फिर हलचल शुरू हो गई है। नामांकन करने के सिर्फ दो दिन बचे हैं और सपा में टिकट को लेकर घमासान जारी है।
यह भी पढ़ें: Wst UP News Live: BSP प्रत्याशी देवव्रत त्यागी नामांकन करने पहुंचे, सपा से अब तक सात नेता ले चुके नामांकन पत्र
सोशल मीडिया पर शायरी हो रही वायरल
दुनिया मुझे फकत कागज का एक टुकड़ा समझती है, पतंग में ढल गए तो आसमां छू लेंगे...। मेरठ के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप में यह शायरी खूब वायरल हो रही है। इसे अलग-अलग नेताओं के साथ जोड़कर भेजा जा रहा है।
समाजवादी पार्टी में मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर टिकट को लेकर हो रही रस्साकशी के बीच यह काफी वायरल हो रहा है। लोग इसे नेताओं के पाला बदलने और आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लेमीन एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ने को लेकर देख रहे हैं क्योंकि एमआईएम का चुनाव निशान पतंग है।
एआईएमआईएम के प्रत्याशी पर टिकीं निगाहें
एआईएमआईएम का मेरठ में प्रत्याशी कौन होगा, इसे लेकर खामोशी है। चर्चा यह भी शुरू हो गई है कि क्या पहले चरण की तरह दूसरे चरण में भी एमआईएम अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी? वहीं सूत्रों का कहना है कि पार्टी अभी समाजवादी पार्टी के बागियों पर निगाह गड़ाए हुए है। पार्टी का मानना है कि अगर कोई बागी आ गया तो वह पार्टी कार्यकर्ता के मुकाबले एआईएमआईएम के लिए ज्यादा मुफीद होगा।