कैंप में गए व छुट्टी पर चिकित्सक, मरीज रहे परेशान
जिला अस्पताल के पैथोलोजिस्ट डॉ. रविकांत शुक्ला शनिवार को रक्तदान शिविर में गए हुए थे। सर्जन डॉ. पारुल की खेकड़ा ड्यूटी थी तो डॉ. हरीश के छुट्टी पर होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। मरीजों के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि जब वह जांच के लिए आते हैं तो उनको चिकित्सक नहीं मिलते।
अस्पताल में कोई भटकता रहा, किसी को दवाई देकर भेजा
बड़ौत के अनिल कुमार ने बताया कि उसको वायरल के बाद पेट में परेशानी हो रही है। उसे अल्ट्रासाउंड के लिए शनिवार का समय दिया गया था। वह खाली पेट आया था। लेकिन जिला अस्पताल में कोई सही जानकारी भी नहीं देता है। बागपत में बड़ौत रोड के रहने वाले वीरसेन ने बताया कि उसे कई दिन से बुखार है। वह जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचा था, लेकिन वहां चिकित्सक नहीं होने के कारण भटकना पड़ा। उसे पेट में समस्या होने पर अल्ट्रासाउंड भी कराना था तो उसे वहां भी चिकित्सक नहीं मिले। नौरोजपुर गुर्जर के रहने वाले फरमान ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित है। अस्पताल में काफी देर तक परेशान होना पड़ा, उसके बाद दवाई देकर घर आराम करने के लिए कह दिया गया है।
वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन उनको पूरा उपचार दिया जा रहा है। सामान्य वार्ड के बेड भरने पर मरीजों को सर्जरी वार्ड में भर्ती किया जाएगा। जिनको दवाई देकर घर में आराम करने से बुखार ठीक हो सकता है, उनका इस तरह ही उपचार किया जा रहा है। चिकित्सक अन्य जगह ड्यूटी होने पर ही कक्ष से जाते हैं, क्योंकि इस समय कैंप भी चल रहे है। -डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस जिला अस्पताल
कैंप लगाकर 30 संदिग्धों के सैंपल लिए
बिनौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि भड़ल में महिला व दोघट में बच्चे की बुखार से मौत होने के बाद शनिवार को स्वास्थ्य कैंप लगाए गए। जिसमें दोघट में 51 मरीजों को दवाएं दीं, जबकि 12 संदिग्धों सैंपल लिए। इसके अलावा भड़ल गांव में 18 संदिग्धों के सैंपल लेकर जांच कराई। जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।