बारिश से शास्त्रीनगर बिजलीघर में फाल्ट, दो घंटे गुल रही बिजली
मेरठ। रविवार शाम बारिश में शास्त्रीनगर बिजलीघर में फाल्ट की वजह से इलाके के लोगों को दो घंटे तक बिजली आपूर्ति नहीं मिल सकी। इसके अलावा शहर में करीब 20 जगह फाल्ट होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधीक्षण अभियंता शहर विजयपाल ने कहा कि फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति पर असर रहा। लाइन स्टाफ ने बारिश में ही फाल्ट अटैंड करके आपूर्ति सामान्य की।
इन इलाकों में प्रभावित हुई आपूर्ति
लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, विकासपुरी, लेडीज पार्क, नौचंदी, सेंट लुक्स, बेगमपुल, सदर बाजार, पुराना आरटीओ, रोहटा रोड, एमईएस, ललसाना, सोफीपुर, अमन विहार, अम्हैडा, रामलीला ग्राउंड, शारदा रोड, हापुड़ रोड बाईपास, मलियाना, माधवपुरम, मोहकमपुर और परतापुर बिजलीघर क्षेत्र मे भी 11 केवी लाइन में फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
लाइनमैनों की हड़ताल खत्म होने से मिली राहत
पिछले 14 दिन से चल रही संविदा लाइनमैनों की हड़ताल खत्म होने से उपभोक्ताओं को खराब बिजली आपूर्ति से राहत मिली है। पीवीवीएनएल अधिकारियों ने मामले को सुलझाने के लिए ठेक फर्म ईजी सोर्स एचआर सॉल्यूशन का ठेका खत्म कर पुरानी फर्म बेसिल को ठेका दे दिया। बेसिल कंपनी के प्रबंधन ने संविदा लाइनमैनों को दुर्घटना होने पर इलाज कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद हड़ताल पर चल रहे लाइनमैनों ने हड़ताल खत्म कर दी और काम पर आ गए। निविदा-संविदा कर्मचारी सेवा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और महासचिव अमित खारी ने बताया कि बेसिल कंपनी ने लाइनमैनों की मांग मानते हुए अनुबंध कार्यवाही पूरी कर ली है।
बारिश व ओलावृष्टि से आलू व अन्य फसलों की बुवाई हुई प्रभावित
बारिश व ओलावृष्टि से आलू व अन्य फसलों की बुवाई हुई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम, 24 अक्तूबर
एक सप्ताह पहले लगातार दो दिन हुई बारिश से आलू की मुख्य फसल की बुवाई पिछड़ गई थी। किसान खेत सूखने का इंतजार कर रहे थे। मुख्य फसल की बुवाई के लिए खेत तैयार हुए तो रविवार को फिर से बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। जिस कारण आलू व अन्य फसलों की बुवाई फिर से पिछड़ गई है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर ने बताया कि यह समय आलू की मुख्य फसल की बुवाई के लिए उपयुक्त था। परंतु, बारिश बार बार आलू की फसल की बुवाई में खलनायक बन रही है। जिस कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बीज खरीदकर रखा हुआ है। लेकिन, बारिश के कारण खेतों में नमी हो जाने से खेत की जुताई नहीं हो सकती। इसके अलावा गोभी, टमाटर, मूली, गाजर आदि की फसलों को भी बारिश से नुकसान होगा। सबसे अधिक नुकसान धान की फसल उगाने वाले किसानों को होगा। खेतों में धान की फसल खड़ी है। ओलावृष्टि होने से धान की खड़ी व कटी हुई फसल को सबसे अधिक नुकसान होगा। जिन किसानों ने अभी खेत तैयार कर फसल की बुवाई का मन बनाया था। उन्हें अब खेत से पानी निकलने व सूखने का इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि बारिश को देखते हुए किसान अपने खेतों में निकासी की व्यवस्था रखे। ताकि, खेतों में पहले से ही बोई जा चुकी फसलों को नुकसान न हो। फिलहाल फसलों की सिंचाई न करें।