फादर्स डे
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आज वह रिक्शा चलाकर 200 से 300 रुपये प्रतिदिन कमा लेता है। इसी कमाई से वह अपना घर चलाते हैं। उसकी बड़ी बेटी आसमां (21) ने मदरसा की पढ़ाई की है, जल्द उसकी शादी होने वाली है। बेटे आस मौहम्मद (19) ने कक्षा-6 के बाद पढ़ाई नहीं की और मामा के यहां जाकर रहने लगा। इसके बाद आसमीन (16) मदरसा, रेशमा दस वर्ष तीसरी कक्षा, अरशद आठ वर्ष दूसरी कक्षा और आफीन छह वर्ष पहली कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।
इसके अलावा वह पांच बजे उठकर बच्चों को उठाते हैं, उनके लिए खाना बनाने में बड़ी बेटी की मदद करती है। इसके बाद बच्चों को स्कूल के लिए तैयार कराना, उनकी पढ़ाई पर ध्यान देना और फिर आठ बजे रिक्शा लेकर काम पर चले जाना ही उनकी नियमित दिनचर्या बन गई है।