अतुल हत्याकांड :
हस्तिनापुर (मेरठ)। स्कूल संचालक एवं पिता अतुल की हत्या के मामले में मां दामिनी के जेल जाने के बाद मासूम मानिक का जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब वह अपने पैतृक गांव भंडोरा में दादा अजब सिंह और दादी संतोष देवी के साथ रहेगा। परिवार ने बच्चे की परवरिश की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली है।
अतुल हत्याकांड के खुलासे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर बेटे की मौत का गम है तो दूसरी ओर बहू के जेल जाने से परिवार पूरी तरह बिखर गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा असर मासूम मानिक पर पड़ा है, जिसने कुछ ही दिनों में अपने माता-पिता दोनों का साथ खो दिया। अब उसके भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है।
दादा अजब सिंह ने बताया कि वह पोते को अपने साथ रखेंगे और उसकी पढ़ाई-लिखाई से लेकर पालन-पोषण तक की पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार हर हाल में मानिक को किसी भी तरह की कमी महसूस नहीं होने देगा। दादी संतोष देवी भी पोते की देखभाल में जुट गई हैं और परिवार उसे सामान्य माहौल देने का प्रयास कर रहा है।
गांव भंडोरा में भी इस घटना को लेकर शोक और संवेदना का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे का इस पूरे घटनाक्रम में कोई दोष नहीं है। सभी की यही इच्छा है कि उसे बेहतर परवरिश और शिक्षा मिले, ताकि वह इस दुखद घटना से उबरकर अपने जीवन में आगे बढ़ सके।