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यूपी: नहीं मिलेंगी गन्ना पर्चियां, तुलाई से 72 घंटे पहले किसानों को मोबाइल पर मिलेगा मैसेज

Wed, 14 Oct 2020 07:46 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • सहकारी गन्ना समितियां इस बार पर्चियों का नहीं कराएगी प्रकाशन
  • 1.09 लाख किसानों के मोबाइल पर आएगा गन्ना पर्चियों का मैसेज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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शामली इस साल पेराई सत्र मेें सहकारी गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ने की पर्चियों का मोबाइल से मैसेज किसानों को मिलेगा। गन्ना तुलाई से 72 घंटे पहले मैसेज मिलेगा। जिसके बाद गन्ने की आपूर्ति चीनी मिल का करनी होगी।

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जिले में चीनी मिलों के पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ना सहकारी समिति दो माह पूर्व तैयारियों में जुट जाती थी। पक्का कलेंडर बांट दिए जाने के बाद दूसरे जिलों से गन्ना पर्चियों का प्रकाशन कराया जाता था।

समितियां किसानों के घरों पर वितरण की व्यवस्था कराने के लिए मानदेय पर अस्थाई रुप से 68 कर्मचारी रखती थी। चीनी मिल चालू होने से एक सप्ताह पहले मिल संबधित गन्ना समितियों को गन्ना इंडेंट भेजता था। गन्ना इंडेंट जारी होने के बाद समिति किसानों को पर्चियों का वितरण करती थी।
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इस बार चीनी मिलों के गन्ना नया पेराई सत्र चालू होने की संभावित तिथियां 30-31 अक्तूबर है। नए पेराई सत्र में जिले का गन्ना विभाग मैसेज के माध्यम से गन्ना पर्चियां किसानों को भेजकर गन्ने की तुलाई की तैयारी कर रहा है।

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पिछले सत्र में गन्ना विभाग सात माह पहले मोबाइल पर किसानों का गन्ना पर्चियों का मैसेज जारी करके गन्ने की तुलाई रिहर्सल कर चुका है। चीनी मिलों के नए पेराई सत्र के लिए अभी किसानों को पक्का कलेंडर वितरित होना शेष है।

जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले के एक लाख नौ हजार गन्ना किसानों को गन्ना पर्चियों का मैसेज भेजा जाएगा। खरीद केंद्रों पर गन्ना तौल की तिथि से 72 घंटे से पहले गन्ना पर्चियों का मैसेज भेज जाएगा। सभी किसानों के समितियों पर मोबाइल नंबर मौजूद पहले से मौजूद है। किसानों को कोई परेशानी नजर नहीं आएगी। 

गन्ना पर्चियों का मैसेज किसानों के लिए फायदेमंद
समिति के पर्ची वितरक गन्ने की पर्चियां किसानों को वितरण न करके क्रय केंद्र अथवा पंचायत घर- चौपालों पर रख देते थे। विरोधी संबधित किसानों की गन्ना पर्चियां गायब कर देते थे। सीधा किसान को गन्ना पर्चियों का मैसेज जाएगा। छोटे बडे़ मोबाइल पर मैसेज किसानों को मिलेगा। इससे किसानों को सुविधा रहेगी। - राजवीर सिंह, पूर्व चेयरमैन शामली गन्ना परिषद।  

गन्ना पर्चियों का वितरण करने के लिए अस्थाई कर्मचारी

गन्ना समिति    
             - कर्मचारियों की संख्या
शामली                                     35
ऊन                                        15
थानाभवन                                18
कर्मचारियों का कुल योग                68

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