किसानों का कहना है कि मेरठ की मंडी में कभी एक तो कभी दो रुपये प्रति किलो उनकी गोभी खरीदी जा रही है, वाहन खर्च भी नहीं निकल रहा है। फसल जोतने के अलावा कोई विकल्प उनके पास नहीं बचा था।
बिनौली क्षेत्र के रंछाड़ा गांव के किसान रामकिशोर, गुलबीर सिंह, रवि तोमर ने बताया कि गोभी की फसल में घाटा हुआ है। आंदोलन से पहले वह गोभी की सप्लाई दिल्ली कर रहे थे, जहां पर भाव 15 रुपये प्रति किलो मिलता था, आंदोलन के बाद भाव घटना शुरू हुआ।
भाव सात से आठ रुपये प्रति किलो पर पहुंचा तो उन्होंने सप्लाई मेरठ करनी शुरू कर दी। मेरठ की मंडी में इन दिनों एक और दो रुपये प्रति किलो का भाव है। बड़ौत में कम खरीद होती है। रामकिशोर ने बताया कि उसने अपनी तीन बीघा और गुलबीर सिंह ने पांच बीघा गोभी की फसल जोत दी है। अब वह गेहूं बुआई करेंगे, गोभी से उन्हें नुकसान हुआ है।