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Meerut: किसान के आग लगाने का मामला, 70 फीसदी जला शरीर, ग्रामीणों से बात करने पहुंचे SDM

Sat, 06 Jan 2024 10:53 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Meerut News : मेरठ के मवाना में एक किसान ने एसडीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश की। बताया गया कि किसान 70 फीसदी जल गया है। उसे मेरठ के लिए रेफर किया गया है।
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मेरठ के मवाना में किसान आत्मदाह की कोशिश की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ से सटे हस्तिनापुर क्षेत्र के अलीपुर मोरना गांव में वन विभाग द्वारा भूमि खाली करने से नाराज किस जगबीर ने शुक्रवार को तहसील प्रांगण में अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाकर आत्मदाह का प्रयास किया था। जिसमें वह 70 प्रतिशत जल चुका था। किसान की आत्महत्या की खबर से शासन प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। किसान को मेरठ के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जहां पर उसकी हालत अभी नाजुक बताई जा रही है।

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इस बात से गांव में आक्रोश है सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण तहसील पहुंचकर घेराव कर न्याय मांग रहे थे, जिसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को लगी। सूचना मिलते ही एसडीएम अखिलेश यादव थाना प्रभारी विजय बहादुर गांव में पहुंचे जहां उन्होंने ग्रामीणों से इस विषय पर बातचीत की।

इस मामले में एसडीएम अखिलेश यादव ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ कहा कि इस मामले में निष्पक्षता से पूरी जांच कराई जाएगी। वहीं सैकड़ों ग्रामीण तहसील जाने की जिद पर अड़े हुए थे। एसडीएम अखिलेश यादव और थाना प्रभारी विजय बहादुर ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं।

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वहीं, किसान जगबीर के आत्मदाह के प्रयास के मामले में डीएम दीपक मीणा ने जांच बैठा दी है। एडीएम प्रशासन अमित कुमार और एसपी देहात कमलेश बहादुर जांच करेंगे। डीएम ने 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने कहा कि अगर कोई दोषी मिला तो सख्त एक्शन होगा। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता पीड़ित के बेहतर इलाज की है। डीएम ने कहा कि वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत थी, जिससे अतिक्रमण हटाया गया था। किसान जगबीर जमीन की दोबारा से पैमाइश की एप्लीकेशन लेकर पहुंचे थे, लेकिन जांच और कार्रवाई से पहले ही आत्मदाह कर लिया। जांच में किसी की लापरवाही मिली तो सख्त एक्शन होगा।

सीएचसी के चिकित्सक डॉक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि किसान 70 फीसदी जल गया है। उसे मेरठ के लिए रेफर किया गया है। वहीं, वन विभाग पर किसान की फसल को जबरन जोतने का आरोप लगाया गया है।

Meerut - फोटो : Amar Ujala
ये है पूरा मामला
हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अलीपुर मोरना गांव के समीप वन विभाग के कृष्ण वन ब्लॉक में विभाग की करीब तीन हेक्टेयर भूमि पर पिछले कई वर्षों से ग्रामीणों द्वारा अवैध कब्जा था, जिस पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए भूमि को अपने कब्जे में ले लिया। डीएफओ राजेश कुमार के निर्देशन पर गुरुवार को वन विभाग के सर्वेयर विजेंद्र सिंह, रेजर रविकांत व स्थानीय लेखपाल सचिन तोमर, रोहित शर्मा, राजस्व निरीक्षक अग्रसेन, डिप्टी रेंजर मनोज कुमार सहित दर्जनों अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने सरकारी भूमि पर वन विभाग का ट्रैक्टर चलाकर उसे कब्जा मुक्त कराया था।
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क्षेत्रीय वन अधिकारी रविकांत चौधरी ने बताया कि इस भूमि पर पिछले कई वर्षों से अवैध कब्जा था। जिसे अभियान के तहत ट्रैक्टर चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराया गया और वन विभाग ने इस भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है।

उन्होंने बताया कि जहां पर भी वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण है, उन्हें मुक्त कराया जा रहा है। बताया कि यह अभियान लगातार चलता रहेगा। खादर क्षेत्र में गंगा किनारे करीब पांच सौ हेक्टेयर भूमि को कब्जा मुक्त और चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस भूमि पर वन विभाग द्वारा पौधारोपण किया जाएगा। इसके लिए तैयारी चल रही है।

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