औद्योगिक गलियारे के विरोध में आंदोलनरत किसानों का आरोप, आवाज दबाने की कोशिश
दो अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलने का एलान बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मेरठ के तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान औद्योगिक गलियारे के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोपाल बाबूजी को लगातार तीन दिन तक पुलिस निगरानी में उनके आवास पर नजरबंद रखा गया। किसानों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसे लेकर 20 माह से धरने पर बैठे किसानों में भारी आक्रोश है।
खरखौदा क्षेत्र के छतरी मोड़ पर किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में गांव खड़खड़ी, छतरी, गोविंदपुर सहित आसपास के करीब 800 किसान पिछले 20 माह से औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में लगातार धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण उनकी सहमति के बिना किया जा रहा है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोपाल बाबूजी का कहना है कि राज्यपाल के मेरठ प्रवास के दौरान उन्हें लगातार तीन दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। पुलिसकर्मी उनके आवास के बाहर तैनात रहे और आने-जाने वालों पर भी नजर रखी गई। सोपाल बाबूजी ने बताया कि उन्हें किसी प्रकार का लिखित आदेश नहीं दिखाया गया और न ही नजरबंद करने का कोई वैधानिक कारण बताया गया।
कांग्रेस नेता व कार्यकर्ताओं को किया नजरबंद
मवाना/फलावदा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने मेरठ जा रहे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर लिया। कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव व मस्जिद कुरैशियान के प्रबंधक व मुतवल्ली शाहनवाज कुरैशी ने बताया कि जिला अध्यक्ष गौरव भाटी के नेतृत्व में सभी कांग्रेसी मेरठ जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया और कहीं भी जाने से मना कर दिया। वहीं, फलावदा में पुलिस ने कांग्रेस नेता सैयद रिहानुद्दीन को हाउस अरेस्ट कर उनके घर पर पुलिस तैनात कर दी। सैयद रिहानुद्दीन ने इस कार्रवाई पर विरोध जताया है। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
पूर्व राज्यमंत्री फारूक हसन नजरबंद
सरूरपुर। गांव पांचाली बुजुर्ग निवासी पूर्व राज्यमंत्री फारूक हसन को बुधवार सुबह पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उन्होंने दिल्ली कूच का एलान किया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर पुलिस ने उनके आवास के बाहर सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
80 घंटे नजरबंदी पर आसपा नेता ने उठाए सवाल
लावड़। आजाद समाज पार्टी के नेता कमरूल अख्तर ने दावा किया कि उन्हें 80 घंटे से नजरबंद रखा गया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। कमरूल अख्तर ने कहा कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के घर में सीमित रखा गया है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।
औद्योगिक गलियारे के विरोध को लेकर धरना दे रहे किसानों को नजर बंद करती खरखौदा पुलिस (किसान)
औद्योगिक गलियारे के विरोध को लेकर धरना दे रहे किसानों को नजर बंद करती खरखौदा पुलिस (किसान)