खरखौदा में धरना दे रहे किसान की समिति के अध्यक्ष को उसी के आवास पर नजर बंद करे हुए पुलिस (किसान
- 20 माह से धरनारत किसानों में रोष, बोले- आवाज दबाने का प्रयास, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में धरना दे रहे किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोपाल बाबूजी को करीब 18 घंटे तक उनके आवास पर नजरबंद रखा गया। धरनारत किसानों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मोदीपुरम में सोमवार को आयोजित राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के कार्यक्रम से पहले खरखौदा पुलिस ने उन्हें नजरबंद किया। खरखौदा के छतरी मोड़ पर किसान संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले करीब 20 माह से लगातार गांव खड़खड़ी, छतरी व गोविंदपुर के करीब 800 किसान औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए लगातार धरना दे रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि रविवार रात करीब 9:00 बजे खरखौदा पुलिस किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोपाल बाबूजी के आवास पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। पुलिसकर्मी पूरी रात और सोमवार दोपहर तक उनके आवास पर तैनात रहे। सोमवार को अपराह्न करीब 3:00 बजे पुलिस वहां से हटी। सोपाल बाबूजी का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का लिखित आदेश नहीं दिखाया और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के करीब 18 घंटे तक घर में ही नजरबंद रखा गया। उनका आरोप है कि प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है।
सीओ किठौर सौम्या अस्थाना का कहना है कि राज्यपाल के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर आवश्यक कदम उठाए गए थे।