मेरठ में एक कार्यक्रम में बोलते किसान नेता वीएम सिंह।
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मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने कहा चार साल पहले मोदी ने किसानों को 14 दिन में गन्ना बकाए का भुगतान करने का वादा करके वोट ली थी लेकिन, वादा पूरा नहीं किया। न भुगतान कराया और न विलंब बयाज दिया। अब किसानों की बारी है, लोहा गरम है। वोट की चोट से किसान अपना गन्ना बकाया भुगतान ब्याज सहित लेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए सरकार एमएसपी पर कानून बनाए। एमएसपी का गारंटी कानून बनने के बाद किसानों की अधिकतर मांगों का स्वतः ही निदान हो जाएगा। वीएम सिंह ने कहा कि किसान विरोधी केंद्र सरकार ने किसानों की बजाय चीनी मिलों के लिए एमएसपी बना दी।
उन्होंने कहा कि 80 फीसदी किसानों का गुजारा दूध बेचकर होता है, इसलिए सरकार को दूध पर भी एमएसपी देनी होगी। सिंह ने कहा कि अगर 12 जुलाई तक किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो 15 जुलाई को किसान विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच करेंगे।
वहीं वीएम सिंह ने किसान आंदोलन पर भी निशाना साथा। उन्होंने कहा सरकार के अंदरूनी समर्थन से किसान आंदोलन चल रहा है। कहा कि किसान संगठन कहते हैं कि आंदोलन में 500 किसान शहीद हो गए हैं। अगर इन्हें दुख है तो चंदे से आया पैसा शहीद किसानों के परिवार को क्यों नहीं दे रहे। सिंह ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि आंदोलन उठे। क्योंकि उसे अपनी नाकामी का ठीकरा किसानों पर फोड़ना है। वहीं सरकार कोरोना के लिए कह देगी कि किसानों ने फैलाया है। ऑक्सीजन की कमी किसानों की वजह से हुई, क्योंकि किसानों ने टैंकर नहीं आने दिए।