सांकेतिक तस्वीर
बता दें कि आर्मी इंटेलीजेंस की जानकारी पर पुलिस ने मामले की तफ्तीश की थी। सोमवार को एक युवक की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद एसओजी प्रभारी एश्वर्य पाल और प्रेमनगर थाना प्रभारी धनराज बिष्ट की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया। सोमवार शाम को ही पुलिस ने पांच में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सोनू निवासी बोंदकला बोंदा चरखीदादरी भिवानी हरियाणा, स्वराज उर्फ युवराज उर्फ अरविंद निवासी गांव तिलियाधार खुर्जा बुलंदशहर और अक्षित उर्फ पंकज निवासी हरेडा थाना बागपत शामिल हैं।
वहीं, पहले मेरठ में सदर पुलिस ने इसी गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, तभी से मेरठ आर्मी इंटेलिजेंस गिरोह की तलाश में लगी हुई थी। बताया है कि इस गिरोह का कनेक्शन सेना से रिटायर्ड अधिकारियों से है। जोकि फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ट्रेनिंग करने के लिए युवाओं को भेज देते हैं। आर्मी इंटेलिजेंस के अलावा देहरादून पुलिस भी इस मामले की जांच पड़ताल में लगी है कि गिरोह का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।