वहीं, मौके से तीन सिम बॉक्स, पांच राउटर, छह मोबाइल, एक लैपटॉप और एयरटेल व बीएसएनएल के 342 सिम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद हुआ था। नूर मोहम्मद के अलावा दिलशाद और नैडी नाम के व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट और आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में वांछित दिलशाद को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
एटीएस इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने बताया कि दुबई में बैठा नैडी नाम का व्यक्ति परीक्षितगढ़ में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करा रहा था। नैडी से नूर मोहम्मद का संपर्क फेसबुक से हुआ था। उसने प्रति कॉल पांच पैसे देने का ऑफर दिया था। नूर मोहम्मद ने कमरा किराए पर लेकर सेटअप तैयार करा लिया था। नैडी ने कोरियर के माध्यम से सिम बॉक्स भेजा था। नूर मोहम्मद ने परीक्षितगढ़ में किराए पर कमरा लेकर हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन लगवा लिया और एक लैपटॉप खरीदा। नैडी ने वीडियो कॉल और एनीडेस्क साॅफ्टवेयर के माध्यम से सेटअप लगवा दिया।
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