डंडा चला तो उखड़ गए पंप
नकली डीजल पेट्रोल के खिलाफ 20 अगस्त को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरी तरह सख्ती बरती और जनपद के तमाम पेट्रोल पंपों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाने लगे। इस सख्ती को देख तमाम अवैध पेट्रोल पंप संचालक भाग खड़े हुए। हस्तिनापुर के तारापुर में ऐसे ही बंद डीजल पंप पर आपूर्ति विभाग सील लगाने आया। लेकिन लतीफपुर का डीजल पंप संचालक तो रातोंरात मशीन ही उखाड़कर ले गया। यहां पर आपूर्ति विभाग को एक बंद कमरे में जेनरेटर मिला, जिस पर सील लगा दी गई। इन दोनों पेट्रोल पंप से खादर क्षेत्र के करीब 17 गांवों के किसान डीजल खरीदते थे।
लावड़ में रातोंरात बंद हुआ पंप
कस्बे के मीठेपुर मार्ग पर एक बायो डीजल पंप था। लेकिन मेरठ में नकली तेल का खेल का पर्दाफाश होने के बाद यह पंप रातोंरात बंद हो गया। कस्बे के लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि आखिर पंप बिना किसी कारण बंद क्यों हुआ। माना जा रहा है कि यह पेट्रोल पंप भी अवैध था और नकली डीजल की बिक्री यहां हो रही थी।
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सभी पर होगी कड़ी कार्रवाई
मेरी जानकारी में ये मामला आ चुका है। मवाना तहसील का प्रकरण है। जहां-जहां भी ये बायो डीजल पंप लगे थे, संबंधित एसडीएम से जांच रिपोर्ट मांग ली गई है। सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
- अनिल ढींगरा, डीएम
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