दिवाली की मिठाई में मिलावट रोके नहीं रूक रही। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने अलग अलग जगह छापेमारी कर 650 किलो से ज्यादा मिलावटी और खराब हो चुकी मिठाई नष्ट करा दी और 60 किलो से ज्यादा मिठाई सीज कर दी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने रविवार को शहर और देहात क्षेत्र में छापामारी की। 20 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इस दौरान मिलावट का संदेह होने पर ढाई कुंतल मावा और मिठाई नष्ट कराई गईं, जबकि 35 किलो बेसन और 24 किलो वनस्पति सीज किया गया।
टीम ने मसूरी में अग्रवाल स्वीट्स और राधे-राधे स्वीट्स से बूंदी के लड्डू, जबकि रणधावा सिंह के यहां से बर्फी के सैंपल लिए। राधे-राधे स्वीट्स से पांच किलो बूंदी के लड्डू नष्ट कराए गए, जबकि रणधावा सिंह के यहां 40 किलो बर्फी नष्ट कराई गई। कुन्करा में वरुण सिंह की निर्माण इकाई से छेना रसगुल्ला के सैंपल लिए और 50 किलो रसगुल्ले नष्ट करा दिये। कस्तला में दिमाक सिंह की खोया निर्माण इकाई से और फूलबाग कालोनी से अशोक कुमार के यहां से लौकी की लौज, छेना रसगुल्ला के सैंपल लिए। जैन स्वीट्स की निर्माण इकाई से लौकी की लौंज के सैंपल लिए और एक कुंतल नष्ट कराई और 35 किलो बेसन सीज कर बूंदी के लड्डू के सैंपल लिए।
मवाना रोड गंगानगर से काजू बर्फी, लक्ष्मीनगर कंकरखेड़ा से नमकीन, नंगला ताशी कंकरखेड़ा से बत्तीसा का सैंपल लिया। मवाना रोड पर बड़ा गांव से खोया और मावा का सैंपल लिया। खराब मिलने पर 45 किलो मावा नष्ट कराया। यहीं पर खोया में मिलाने के लिए 24 किलो वनस्पति रखा गया था। इसको सीज कर दिया गया और मिल्क पाउडर का सैंपल लिया। मवाना-फलावदा रोड में नंगला हरेरू से बेसन केलड्डू, रामराज मवाना से बर्फी, लावड़ से मावा और बूंदी के लड्डू का सैंपल लिया और 10 किलो बूंदी के लड्डू नष्ट कराए।
400 लीटर मिल्क केक का घोल नष्ट कराया
सरूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जसड़ सुलताननगर, गोटका, डाहर एवं जैनपुर मिलावटी मिठाइयों की मंडी बन गए हैं। जिसके चलते सोमवार को सिंथेटिक मिठाइयों की भट्ठियों पर खाद्य विभाग की टीम ने एसडीएम सरधना के नेतृत्व में छापा मारा। टीम ने गदंगी के चलते खराब हो चुका 400 लीटर मिल्क केक का घोल को नष्ट कराया। इसी घोल से मिल्क केक तैयार किया जाना था। इस दौरान टीम ने 17 टिन वनस्पति तेल एवं 9 बैग मिल्क पाउडर के बरामद किये।
मिठाई घुलकर रंग बदले तो समझो मिलावट
मिठाई को गर्म पानी में डालें, इसके बाद आयोडीन लें और इसे मिठाई वाले कटोरे में डाल दें। अगर मिठाई घुलकर रंग बदलती है तो मिठाई में मिलावट है। अगर रंग वैसे का वैसा ही रहता है तो मिठाई ठीक है। मिठाई या तो अपने किसी भरोसेमंद दुकानदार से खरीदें या फिर घर पर ही मिलावटी मिठाई और मावे की पहचान करें, ताकि मिलावट की मार से बच सकें। एक पखवाड़े में स्वास्थ्य विभाग ने 100 से ज्यादा जगह छापेमारी की है। लड्डू, रसभरी, सोन पापड़ी, मावे और मिठाइयों में रंगों, सूजी आदि की मिलावट मिली है। कई कुंतल मावा और अन्य मिठाइयों को नष्ट कराया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि अखाद्य पदार्थों एवं रंगों की मिलावट से बनी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। अखाद्य पदार्थों रासायनिक रंगों की मिलावट से किडनी और पेट संबंधी कई तरह की बीमारियां के अलावा रंगों की मिलावट से कैंसर तक की बीमारी हो सकती है, इसलिए सावधानी ही बचाव है।
घर पर जांचे मावे की मिलावट
शुद्ध मावा कठोर होता है। मावा में आयोडीन सॉल्यूशन डालें, अगर मावा में मिलावट होगी तो उसका रंग बैंगनी हो जाएगा। आयोडीन सॉल्यूशन केमिस्ट के यहां आसानी से मिल जाता है।
सख्त कार्रवाई का है प्रावधान, फिर नहीं होता सुधार
अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि जो नमूने सेहत के लिए हानिकारक पाए जाते हैं, उनमें एफआईआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलाया जाता है। इसमें छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है और तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि इसके बावजूद लोग नहीं सुधरते और खाद्य पदार्थों में मिलावट करते रहते हैं।