सहारनपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का धरना घंटाघर स्थित बिजली घर पर जारी रहा। पदाधिकारियों ने कहा कि घंटों तक चलने वाली वीसी से बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकार ने लिखित समझौते का पालन नहीं किया है।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि संगठन सरकार की नीति नहीं तय करेंगे तो कथित एसोसिएशन भी सरकार की नीति तय नहीं करेंगे। पांच अप्रैल 2018 और छह अक्टूबर 2020 को ऊर्जा मंत्री और वित्त मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते में कहा गया है कि विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति को विश्वास में लिए बिना प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में कहीं पर भी कोई निजीकरण नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि नवंबर 2024 में एक विद्युत वितरण निगमों की बैठक हुई, जिसमें सुधार के नाम पर विद्युत वितरणों के निजीकरण का फैसला लिया गया।
बैठक में ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के नाम से संगठन भी बनाया गया। इस संगठन में जनरल सेक्रेटरी समेत अन्य पदों पर कंपनियों के अधिकारी बना दिए गए। इस मौके पर अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद