हर उपभोक्ता से प्रतिमाह 85 रुपये अधिक लिए जा रहे
एक हॉर्स पावर की कीमत इस समय 170 रुपये हैं। नियमानुसार यदि कोई नलकूप उपभोक्ता 12.5 हॉर्स पावर के हिसाब से बिल जमा करता है, तो उससे लगभग 2,125 रुपये देने चाहिए, लेकिन उससे लगभग 2,210 रुपये लिए जाते हैं। यानी एक उपभोक्ता से लगभग 85 रुपये अधिक।
छूूट का भी नहीं मिल रहा फायदा
मुख्यमंत्री ने भले ही निजी नलकूपों के बिजली बिलों पर गत जनवरी से 50 फीसदी की छूट कर दी हो, लेकिन अभी भी इन किसानों को इसका फायदा नहीं पहुंच रहा है।
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किसानों का हो रहा शोषण
वर्ष 2008 में विद्युत निगम के अफसरों ने मनमानी कर विद्युत दरें साढ़े 12 हॉर्स पावर कर दी थीं, जबकि सूबे के अन्य जनपदों में पांच से सात हॉर्स पावर के ही कनेक्शन चल रहे हैं।
- विक्रम आर्य, किसान नेता
नहीं हुई सुनवाई तो होगा आंदोलन
यदि विद्युत निगम ने इस मनमानी को जल्दी बंद नहीं किया तो क्षेत्र का किसान आंदोलन शुरू कर देगा।
- राजेंद्र चौधरी, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व जिला पंचायत सदस्य
कंप्यूटर सिस्टम में साढ़े बारह हॉर्स पावर का नहीं है प्रावधान
अधीक्षण अभियंता रणविजय सिंह और अधिशासी अभियंता प्रथम गोपाल के अनुसार विद्युत निगम के कंप्यूटर सिस्टम में साढ़े बारह हॉर्स पावर और साढ़े सात हॉर्स पावर का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसानों को आधा हॉर्स पावर अधिक बिल देना पड़ रहा है।